गर्म-गर्म हवा चली, झुलस रही है डाली, फल-फूल-पत्ते बिना, वृक्ष ये बेकार हैं। माझी बिना मझधार- नैया डोले डगमग, दरिया[...]
Day: June 26, 2023
बरसात – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’बरसात – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
काली घटा व्योम में छाई दृश्य देख मन मुदित कीजिए। हँसती हुई बरसात आई हस्त उठाकर तोय पीजिए।। वर्षा देखो[...]
रूपघनाक्षरी – एस.के.पूनमरूपघनाक्षरी – एस.के.पूनम
गरजे बरसे मेघ, गगन वितान सेंघ, टप टप करे शोर,रात जाग होए भोर। आलस्य का जकड़न, अंग-अंग अकड़न, मंदिरों में[...]
मनहरण – एस.के.पूनममनहरण – एस.के.पूनम
जाग रहा जग बंधू, ढूंढ़े मुझे प्रिय संधू, संसार के रखवाले,आए मेरे द्वार हैं। धरे कई रुप सदा, पहचाने यदाकदा,[...]
रूपघनाक्षरी – एस.के.पूनमरूपघनाक्षरी – एस.के.पूनम
पर्वतों के पीछे छुपे, बादलों के ओट खुले, मंडराते चहूंओर,सलिल से भरपूर। लेकर तपीश चले, लुकाछिपी रवि खेले, घेर लेते[...]
