कलम उठाई है मैंने, अब हूं लिखने को तैयार। सत्य स्याह से खूब लिखूंगी, झूठ कपट पर कर प्रहार। ईर्ष्या[...]
Day: January 8, 2024
मन की बात – रत्नेश पण्डित पाण्डेयमन की बात – रत्नेश पण्डित पाण्डेय
बड़े दिनों बाद वह, घर अपने वापस आया बेटी के लिए कुछ गुड्डे-गुड़िए, बेटे को किताबें लाया। बच्चों में कैसा[...]
आया जनवरी –आया जनवरी –
आया जनवरी छाया कुहासा, फूलने लगा है मेरा स्वांसा । आया फरवरी फेके रजाई, धूप में बैठकर ले रहे जम्हाई।[...]
