हमारे देश की हिंदी, सुशोभित सौम्य-सी लगती। यही है भाल की बिंदी, बड़े ही गर्व से सजती।। मधुर रस भाव[...]
Day: January 13, 2024
बैलगाड़ी हाँकते – एस.के.पूनमबैलगाड़ी हाँकते – एस.के.पूनम
विधा:-मनहरण घनाक्षरी कड़कड़ाती ठंड है, प्रकाश की तलाश है, सूरज की प्रतीक्षा में,प्राची दिशा झाँकते। पक्षियों का कलरव, शबनम चमकती,[...]
लोहड़ी पर्व – मनु रमण चेतनालोहड़ी पर्व – मनु रमण चेतना
लोहड़ी आई!लोहड़ी आई। सबके मन में उमंग है छाई। सुख समृद्धि संग लेकर आती। सबको प्रेम से गले लगाती। पुराने[...]
स्वामी विवेकानंद – मनु रमण चेतनास्वामी विवेकानंद – मनु रमण चेतना
स्वामी जी ने कर दिया,जग में ऐसा काम।। पर्वत से ऊँचा हुआ, फिर भारत का नाम।। राम कृष्ण गुरुदेव के[...]
