🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 मनहरण घनाक्षरी अमिया की डाली पर, कान्हा बैठे छुपकर, राधारानी ढ़ूंढ रहीं,सखियाँ उदास है। रंगों का त्योहार[...]
Month: March 2024
मंजरी भी न्यारी है – एस.के.पूनममंजरी भी न्यारी है – एस.के.पूनम
सरसों के पीले-पीले, फलियों में दाने भरे, झूम रही हवा संग,कलियाँ ये प्यारी है। रस चूसे मधुकर, किसलय पर बैठ[...]
कृपाण घनाक्षरी – एस.के.पूनमकृपाण घनाक्षरी – एस.के.पूनम
कवियों की गोष्ठी आज, साध कर सुर साज, खोल देते सारे राज,कवित्त करे झंकार । शब्द जोड़-तोड़ लिखा, कविता पढ़ना[...]
नारी तू नारायणी है – जैनेन्द्र प्रसाद रविनारी तू नारायणी है – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
समाज की बलि नित्य बनती है औरत! क्या समाप्त हो गई इसकी जरूरत? श्रद्धा से प्रेरणा पा “मनु’ को आई[...]
गीत -सुधीरगीत -सुधीर
गीत – ३२ यति – १६,१६ २२२२ २२२२ धरती की चूनर हरियाई , रंग बसंती सब पर छाई । खेतों[...]
मनहरण(महिलाओं को समर्पित) – एस.के.पूनममनहरण(महिलाओं को समर्पित) – एस.के.पूनम
उतरी है नन्ही परी, हाथ-पाँव मार रही, आँगन तो किलकारी से गुंजायमान है। कद़म-कद़म पर, बजता है रणभेरी, हटी नहीं[...]
जाग सखी – मीरा सिंह “मीरा”जाग सखी – मीरा सिंह “मीरा”
तुम तो हो मधुमास सखी जीवन का अहसास सखी तेरी चर्चा आज बहुत मत समझो परिहास सखी उम्मीदों के पंख[...]
डमरू वाले आ जा – मीरा सिंह “मीरा “डमरू वाले आ जा – मीरा सिंह “मीरा “
आ जा डमरू वाले आ जा बैल सवारी करके आ जा। डम डम डम जब डमरू बोले बंद हृदय के[...]
शिव – अंजली कुमारीशिव – अंजली कुमारी
ये जलता विश्व पुकार रहा , समुद्र- मंथन के जैसे आ जाइए, पृथ्वी पटी पड़ी है, जहर से, हे शिव[...]
हे महादेव – अंजली कुमारीहे महादेव – अंजली कुमारी
हे महादेव, त्रिकालदर्शी, शंभूनाथ महेश्वर । सुमिरन करे, करें ध्यान तेरा दिन रात और चारों पहर । हे अर्धचंद्र के[...]
