काग बोलता रहा डाल पर, क्या लिखा दुनिया के भाल पर? तेरे अस्तित्व पर मैं टिका हूॅं, तुझसे बहुत मैं[...]
Day: September 30, 2024
खेल- रामकिशोर पाठकखेल- रामकिशोर पाठक
खेल-खेल कर बड़े हुए हम घुटनों से अब खड़े हुए हम। है इससे कुछ ऐसा नाता, बच्चे बूढ़े सभी[...]
जंगल में मंगल – मधु कुमारीजंगल में मंगल – मधु कुमारी
संग हरियाली के जी ले पल दो पल, करती सरिता जहाँ पग-पग कल-कल। मनहर-सी छटा छाई धरा पर हरपल,[...]
