सूरज बाबा, ओ सूरज बाबा, तुमसे रोशन है जग सारा। सुबह-सवेरे तुम मुस्काओ, धरती को तुम खूब सजाओ। सूरज[...]
Day: October 29, 2024
दिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठकदिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठक
दादा जी फुलझड़ी चाहिए, जगमग वाली लड़ी चाहिए, हम भी दीप जलाएँगे, दिवाली आज मनाएँगे। देखो पटाखे फूट रहे[...]
