Day: February 4, 2025

Vivek

ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमारज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमार

0 Comments 9:49 pm

हे माँ शारदे, वीणावादिनी माँ, ज्ञान की देवी, ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ, मैं हूंँ तुच्छ अज्ञानी, मुझे ज्ञान[...]

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Amarnath Trivedi

सरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदीसरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:53 am

कर दे  निहाल  माता, मेरे सपनों को जगा दे। जैसी  हो  तेरी  मर्जी, माँ अपनी शरण लगा ले। करता  हूँ  तेरा   वंदन, तेरा [...]

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Suresh Kumar gaurav

वासंती महक- सुरेश कुमार गौरववासंती महक- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 6:58 am

पीली-पीली सरसों की बगिया, लहराए खेतों में नव अभिलाषा। पतझड़ की उदासी को छोड़कर, लाया वसंत हर्ष की परिभाषा। प्रकृति[...]

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Aprajita

नवजीवन संचार- अपराजिता कुमारीनवजीवन संचार- अपराजिता कुमारी

0 Comments 6:50 am

शीत शरद की हो रही विदाई धरती मानो ले रही अंगड़ाई ऋतुराज की हो रही अगुवाई प्रकृति बसंती रंग में[...]

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