माॅं शारदे की पूजा अर्चना कर लो मन से आप, मिले आशीष माॅं का उनको पूरा हो सब काज। हम[...]
Day: February 4, 2025
ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमारज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमार
हे माँ शारदे, वीणावादिनी माँ, ज्ञान की देवी, ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ, मैं हूंँ तुच्छ अज्ञानी, मुझे ज्ञान[...]
सरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदीसरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदी
कर दे निहाल माता, मेरे सपनों को जगा दे। जैसी हो तेरी मर्जी, माँ अपनी शरण लगा ले। करता हूँ तेरा वंदन, तेरा [...]
वासंती महक- सुरेश कुमार गौरववासंती महक- सुरेश कुमार गौरव
पीली-पीली सरसों की बगिया, लहराए खेतों में नव अभिलाषा। पतझड़ की उदासी को छोड़कर, लाया वसंत हर्ष की परिभाषा। प्रकृति[...]
नवजीवन संचार- अपराजिता कुमारीनवजीवन संचार- अपराजिता कुमारी
शीत शरद की हो रही विदाई धरती मानो ले रही अंगड़ाई ऋतुराज की हो रही अगुवाई प्रकृति बसंती रंग में[...]
