है अति बेकल नैन हमारे। दर्शन को प्रभु राम तुम्हारे।। देकर दर्शन काज सँवारें। नाथ हमें भव से अब तारें।।[...]
Day: February 9, 2025
अपना सूरज – रामकिशोर पाठकअपना सूरज – रामकिशोर पाठक
विशाल आकाशीय पिंड जो, अपना प्रकाश फैलाता है। हम उसको हैं कहते तारे, नभ में सदा टिमटिमाता है। उनमें से[...]
कुछ खबर है आपको- अवनीश कुमारकुछ खबर है आपको- अवनीश कुमार
कुछ खबर है आपको आप बैठे रेस्तरां में जब ले रहे सुस्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद हाथों में डाले पत्नी का[...]
ब्रह्मांड की दिव्य कहानी- सुरेश कुमार गौरवब्रह्मांड की दिव्य कहानी- सुरेश कुमार गौरव
सूरज ज्योति का है आगार उजियारे का सौम्य नगर। किरणें इसकी छू लें धरती, हरियाली भर जाए घर।। नीला नभ[...]
