Day: March 26, 2025

शौर्य का जयघोष – अवनीश कुमारशौर्य का जयघोष – अवनीश कुमार

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जब भी लगे तुम्हें, विश्वास तुम्हारा डगमगाने लगा है, लेकर आशा की मशाल, दशरथ माँझी-सा आना तुम एक और प्रहार[...]

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ram किशोर

चिपको आंदोलन- रामकिशोर पाठकचिपको आंदोलन- रामकिशोर पाठक

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अंधाधुंध वन कटने लगे, चलने लगी कुल्हाड़ियाँ। होने लगा विनाश वनों का, थी शहर की तैयारियाँ। राजस्थान जहॉं पहले हीं,[...]

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Amarnath Trivedi

कविता की महिमा है न्यारी- अमरनाथ त्रिवेदीकविता की महिमा है न्यारी- अमरनाथ त्रिवेदी

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कविता की महिमा है न्यारी, दिल को लगती बड़ी ही प्यारी। जो कोई इसमें खोना चाहे, मिलती खुशियाँ ढेरों सारी। कौन सी[...]

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