नमन दधीचि! बरगद का पेड़! वर्षोँ से खड़ा , वसन्तों पतझडों का साक्षी, धरती से करता प्यार, धूप से बचाता,[...]
Day: June 13, 2025
इंसानियत के मसीहा संत कबीर – अमरनाथ त्रिवेदीइंसानियत के मसीहा संत कबीर – अमरनाथ त्रिवेदी
इंसानियत के मसीहा संत कबीर एक ऐसे संत कबीर हुए, जो जमकर कुरीतियों पर वार किया । हिंदू मुस्लिम की[...]
हादसा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘हादसा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
हादसा (उज्जवला छंद) जब पग-पग होता हादसा। मानव पर उभरा दाग-सा।। हर घर में छाया शोर है। बस आह-आह पुरजोर[...]
पड़ती गर्मी प्रचंड है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठकपड़ती गर्मी प्रचंड है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक
पड़ती गर्मी प्रचंड है – लावणी छंद गीत ताल, तलैया, सरवर सूखा, भू दिखता खंड-खंड है। प्यासा पंछी खोज रहा[...]
नन्हा पौधा – बिंदु अग्रवालनन्हा पौधा – बिंदु अग्रवाल
नन्हा पौधा दादा जी ने बीज लगाया, दादी ने पानी डलवाया। चुन्नू-मुन्नू दौड़े आएँ, साथ में खाद भी लेकर आएँ।।[...]
