स्वास्थ्य और भौतिक संसाधन संसाधनों के अंबार लगे हैं , दुनिया के कोने कोने में । फिर भी न कोई[...]
Day: July 24, 2025
सुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद- राम किशोर पाठकसुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद- राम किशोर पाठक
सुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद सुविधाएंँ सभी आज, सबको हैं प्यारे। मशीन बन गए लोग, एहसास मारे।। करते सभी आराम,[...]
बोल बम कहने लगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘बोल बम कहने लगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
बोल बम कहने लगा। आ गया सावन महीना, भाव में बहने लगा। त्याग ऑंचल का सहारा,बोल बम कहने लगा।। कौन[...]
भौतिक सुविधा और स्वास्थ्य- अमरनाथ त्रिवेदीभौतिक सुविधा और स्वास्थ्य- अमरनाथ त्रिवेदी
भौतिक सुविधा और स्वास्थ्य आज होड़ लगी है भौतिक सुख सुविधा की , स्वास्थ्य के लिए कुछ दोस्त बने कुछ[...]
सुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत- राम किशोर पाठकसुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत- राम किशोर पाठक
सुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत अपने हाथों से जीवन में, घोल रहा विष जान। सुख सुविधाओं के[...]
