**स्वतंत्रता दिवस आया ** आया स्वतंत्रता दिवस आया, गगन भी आज मुस्कुराया। हिमालय हिला नया सवेरा लाया, आया स्वतंत्रता दिवस[...]
Day: August 11, 2025
आजादी – महाचण्डिका छंद गीत – राम किशोर पाठकआजादी – महाचण्डिका छंद गीत – राम किशोर पाठक
आजादी – महाचण्डिका छंद गीत इसका अपना अर्थ है, सबको यह समझाइए। आजादी के मूल्य को, जरा समझने आइए।। सहते[...]
यही रात अंतिम, यही रात भारी- नीतू रानीयही रात अंतिम, यही रात भारी- नीतू रानी
यही रात अंतिम, यही रात भारी विषय -पक्षियों की गोष्ठी। बकरी, मुर्गी,अंडा , मछली और कबूतर ये सभी हैं मीत,[...]
कीमत चुकानी होगी – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’कीमत चुकानी होगी – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
कीमत चुकानी होगी मनहरण घनाक्षरी छंद में बिजली के कटने से, बढ़ जाती परेशानी, ए सी में जो रहने की,[...]
बाल सपने – सार्द्ध मनोरम छंद- राम किशोर पाठकबाल सपने – सार्द्ध मनोरम छंद- राम किशोर पाठक
बाल सपने – सार्द्ध मनोरम छंद पाँव में पाजेब मनहर बाँध अपने। नाचते हैं श्याम बनकर बाल सपने।। देखकर नंगे[...]
कर्म – गिरींद्र मोहन झाकर्म – गिरींद्र मोहन झा
कर्म जो किया जाता है, वही होता है ‘कर्म’, जो करने योग्य हो, वही है कर्त्तव्य-कर्म, कहते हैं, कर्म के[...]
जीवनदान- विजय शंकर ठाकुरजीवनदान- विजय शंकर ठाकुर
// जीवनदान // पेड़ खड़े थे, पत्ते हरे थे, फल लगे थे, झूले डले थे, बाहर धूप थी, वहां छाया[...]
एक पेड़ मांँ के नाम – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’एक पेड़ मांँ के नाम – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
एक पेड़ मांँ के नाम मनहरण घनाक्षरी छंद में बहुत खुशी की बात, आ गई है बरसात, पेड़-पौधे लगाकर, धरा[...]
यह धरती है प्रभु की प्यारी – अमरनाथ त्रिवेदीयह धरती है प्रभु की प्यारी – अमरनाथ त्रिवेदी
यह धरती है प्रभु की प्यारी हम बच्चे अपने धुन में गाएँ, प्रभु चरणों में शीश नवाएँ । जिनका है[...]
कल का सपना – राम किशोर पाठककल का सपना – राम किशोर पाठक
कल का सपना सपनों और अपनों के बीच, जीवन जीते हम-सब रहते। साँसों की डोरी को अपने, पल-पल सदा सँजोते[...]
