सजा दरबार मैया का – विधाता छंद गीत लगाती पार नैया जो, वही पतवार लाएँ हैं। सजा दरबार मैया का,[...]
Day: September 27, 2025
माता जगतारिणी -रामपाल प्रसाद सिंहमाता जगतारिणी -रामपाल प्रसाद सिंह
हे माता! जगतारणी कुंडलिया छंद माता! तुम जगतारणी, जाना है भवपार। थाल लिए द्वारे खड़ा,कर ले तू स्वीकार।। कर ले[...]
जय स्कंदमाता स्नेहलता द्विवेदीजय स्कंदमाता स्नेहलता द्विवेदी
जय स्कंदमाता ममतामयी माँ ममतामयी तू है जगदम्बा, तू कार्तिकेय सुत जननी है। ताड़कासुर बध संकल्प लिये, माँ तू संतन[...]
ममतामई मां -जैनेंद्र प्रसाद रविममतामई मां -जैनेंद्र प्रसाद रवि
प्रभाती पुष्प ममतामई मांँ कलाई में शोभता है- कंगन व बाजूबंद, मनमोहता है देवी, माता का सिंगार है। जिज्ञासु श्रद्धालु[...]
हे शुभंकरी -रामकिशोर पाठकहे शुभंकरी -रामकिशोर पाठक
हे शुभंकरी सुधा त्रिधा त्वम् गायत्री। सती शिवा त्वम् सावित्री।। त्वयि नंदजा राधा त्वम् भक्तवत्सला आद्या त्वम् आदिशक्ति शक्ति दात्री।[...]
लोहार – रामपाल प्रसाद सिंहलोहार – रामपाल प्रसाद सिंह
लोहार लोहे पर निर्भर जीवन,लोहार हूॅं मैं।कम पैसे में काम करूॅं,उपकार हूॅं मैं।विस्मित कर देता जग को,फनकार हूॅं मैं।मानसून के[...]
