गीत (गीतिका छंद) कष्ट हरना है जगत का, आज यह समझा गए।देवता साक्षात नभ से, पूछने हैं आ गए।। पर्व[...]
Day: October 29, 2025
विनय गीत…राम किशोर पाठकविनय गीत…राम किशोर पाठक
आइए अब तो हमारे, साथ में कुछ बोलिए।आप कर दो चार बातें, प्रेम रस को घोलिए।। और नेकी है भला[...]
सजा है घाट- गीतिका…राम किशोर पाठकसजा है घाट- गीतिका…राम किशोर पाठक
सजा है घाट उपवन सा, जहाँ आए लिए डाला।भरी फल से सभी डाला, हुआ मोहक नदी नाला।। सभी हैं हाथ[...]
ताका ..राम किशोर पाठकताका ..राम किशोर पाठक
ताका ५-७-५, ७-७ १.सौम्य प्रसंग धरे नव उमंग रचना संग। साधना अंग-अंग शब्द दृष्टि विहंग।। २.सपने आते कुछ कह भी[...]
वापस कर दो सुखी बनाकर…RPS अनजानवापस कर दो सुखी बनाकर…RPS अनजान
अरिल्ल छंद चार चरण में 16 16 मात्रा पदांत 211/122वापस कर दो सुखी बनाकर।@@@@@@@@@@बादल छाए नभ के ऊपर।सोनू मोनू भाग[...]
मौन संगीत.. डॉ अजय कुमार “मीत”मौन संगीत.. डॉ अजय कुमार “मीत”
मौन पड़ी मन वीणा को भावों ने झंकृत कर डालाजग उठे मौन से संगीत। कोरे कागज पर लेखनी दौड़ीआड़े-तिरछे अक्षर[...]
बस थोड़ी देर पहले…अवनीश कुमारबस थोड़ी देर पहले…अवनीश कुमार
बस थोड़ी ही देर पहले तो… बस थोड़ी ही देर पहले तो —एक रंगीन तितलीफूलों की क्यारी में नाच रही[...]
आह्वान…विजय शंकर ठाकुरआह्वान…विजय शंकर ठाकुर
सवेरे उठकर जल्दी जाओ,लोकतंत्र का पर्व मनाओ। भैया भौजी, चाचा आओ, दादा दादी को भी लाओ।मतदाता पर्ची को लेकर,कतार में[...]
गर्व से हिंदू कहे तो..रामपाल प्रसाद सिंहगर्व से हिंदू कहे तो..रामपाल प्रसाद सिंह
सुमेरु छंद (10,9)1222 12, 22 122 गर्व से हिंदू कहे तो। घटा घनघोर नभ,छाई कहाॅं से।गई थी लौट कर,आई कहाॅं[...]
किसानों की बेचैनी..जनेंद्र प्रसाद रविकिसानों की बेचैनी..जनेंद्र प्रसाद रवि
कार्तिक है बीत रही,रबी अभी लगी नहीं,आसमां में काले घन, दिखा रहे नैन हैं। खेतों में तैयार धान, आती नहीं[...]
