जहाँ जीत है मिलता हमको, उत्सव में हम-सब खोते। कभी हार जब गले लगाती, नजर झुकाए हम रोते।। हार-जीत दोनों[...]
Day: March 11, 2026
नींद से अब जागिए-राम किशोर पाठकनींद से अब जागिए-राम किशोर पाठक
नींद से जग जाइए। गीत प्रभु का गाइए।। भूल कड़वी बात को। प्रेम से मुस्काइए।। दोष जिसका भी रहा। रोष[...]
कुछ तो सोच समझ ले प्राणी – राम किशोर पाठककुछ तो सोच समझ ले प्राणी – राम किशोर पाठक
कुछ तो सोच समझ ले प्राणी। निकले जब भी मुख से वाणी।। निज पर इतना अभिमान न कर। अपना इतना[...]
