कार्तिक अमावस्या – पुरुषोत्तम कुमार आने वाली है, फिर काली अमावस्या रात, पर इस रात की अलग होगी बात। न[...]
Day: October 22, 2026
अंधकार का शिल्पी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअंधकार का शिल्पी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
अंधकार का शिल्पी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर जहाँ प्रकाश प्राण त्यागता है, वहाँ से हमारा युग आरम्भ होता है, सत्य[...]
भविष्य का भारत: संस्कारयुक्त राष्ट्रनिर्माण – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर भविष्य का भारत: संस्कारयुक्त राष्ट्रनिर्माण – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
भविष्य का भारत: संस्कारयुक्त राष्ट्रनिर्माण – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर केवल आधुनिकता की अंधी दौड़ में, शिक्षा अपनी दिशा खो रही[...]
रे पथ के पथिक! तू अबाध गति से चल – गौरव कुमार तिवारीरे पथ के पथिक! तू अबाध गति से चल – गौरव कुमार तिवारी
रे पथ के पथिक! तू अबाध गति से चल – गौरव कुमार तिवारी, रे पथ के पथिक! तू अबाध[...]
धरती से नाता टूटा है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’धरती से नाता टूटा है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
धरती से नाता टूटा है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ शुभ दर्शन केवल कागज पर, धरती से नाता टूटा है।[...]
पाषाण में परमात्मा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरपाषाण में परमात्मा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
पाषाण में परमात्मा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर जब गोकुल पर मँडराया संकट, इंद्र का कोप अपार था, तब श्रीकृष्ण ने[...]
ध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
ध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर सुनने और पढ़ने में जो, लगते एक समान। पर अर्थों की दृष्टि[...]
अपना मंच, अपना सम्मान – शिवेन्द्र प्रकाश सुमनअपना मंच, अपना सम्मान – शिवेन्द्र प्रकाश सुमन
अपना मंच, अपना सम्मान – शिवेन्द्र प्रकाश सुमन दूजे मंच पर रचना छाए, चेहरे पर मुस्कान, अपने मंच पर छपे[...]
