सजनी अपने आप से रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

सजनी अपने आप से –  रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ ट्रेन सवारी करके सजनी, देख रही रस्ते भर सपने। आस-पास की सुंदरता भी, कभी नहीं लगती है अपने।। पिया मिलन की…

दुनिया दौलत वालों की – मनहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

दुनिया दौलत वालों की मनहरण घनाक्षरी छंद भाग-१ किसी को तो दूध-भात मक्खन सुहाता नहीं, किसी को नमक-रोटी, मिलता न थाली में। किसी को तो भर पेट मिलता भोजन नहीं,…

कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक

कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक सभी लोग हैं काँपते, सर्दी सबको खल रही। फैल गया है कोहरा, दृष्टि सभी की छल रही।। मुश्किल होता देखना, आस-पास…

शहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठक

शहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठक जुल्म विरोधी हूँ, सत्य बताता हूँ। गीत शहादत का, आज सुनाता हूॅं।। शासक मुगलों के, किए अत्याचार थें। खत्म हुए कितने, सभ्य…

अटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारी

अटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारी धरा पर चमकता सितारा अंबर से ध्रुवतारा आया । वह पत्रकार, लेखक, कवि राष्ट्र का प्रणेता प्रेरणास्रोत कारगिल युद्ध विजेता है। परमाणु शक्ति प्रदाता…

अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक

अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक भव भय हारी, प्रभु अवतारी। जनहित कारी, अवध बिहारी।। जगत सताए, समझ न पाऊँ। हर-पल कैसे, सरस बनाऊँ।। नमन करूँ…

तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक

तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक तुलसी है वरदान, समझने आओ। इसके गुण पहचान, इसे अपनाओ।। तुलसी के अब संग, जोड़ लो नाता। औषध है हर अंग,…