मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

टूटे रिश्ते जिंदगी गुजर जाती, यहां रिश्ते बनाने में, गाँठ पड़ जाते यदि, टूटे-रिश्ते जुड़ते। खूब मजबूत रखें , संबंधों की बुनियाद, बालू की दीवार बने, घर नहीं टिकते। प्रेम…

शराबी पति- नीतू रानी

विषय-शराब तर्ज-सजनवां बैरी हो गईल हमार। सजनवां शराबी हो ग‌ईल बीमार कतौ सेअ आबै हमरा ऊ मारै, दैय बीछ – बीछ केअ ओ गाएर बलमुवां शराबी हो ग‌ईल बीमार सजनवां…

अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस- रणजीत कुशवाहा

जन जन में बढ़ रही है इर्ष्या, खंडित हो रहा हमारा समाज। इस भेदभाव को दूर भगाएं, चलो प्रेम का एक दीप जलाएं ।।१ ऊँच-नीच की पहचान छोड़ दें, जाति…

नव वर्ष बाल संकल्प गीत- रणजीत कुशवाहा

नव वर्ष में करते हैं वायदा। पढ़ेंगे पहले से भी ज्यादा।।१ नित्य नियम से स्कूल जायेंगे। जल्दी- जल्दी ज्ञान बढ़ायेगे।।२ मानेंगे माता, पिता, गुरु का कहना। हमको अनपढ़ बनकर नहीं…

मुस्कान- अश्मजा प्रियदर्शिनी

निराश ह्रदय कुंठित काया को हर्षित करे खिल जाता जीवन बगिया अनूप । मिल जाती खुशियाँ अपार न होता विषम वेदना,कष्ट,विपदा कुरुप । कभी चाँद की चाँदनी की शीतलता ,कभी…

कृष्ण को प्रणाम है-एस.के.पूनम

मनहरण घनाक्षरी पुकारीं दुलारी राधा,ढूंढ़ती फिरती कान्हा, नयन निहारी राह,पूछी कहाँ श्याम हैं। मुकुट शोभित भाल,बाँहों पर भुजबंध, कंठमाला मोतियों का,वही घनश्याम हैं। यमुना किनारे बंसी,बजाए मुरलीधर, श्रवण करती राधा,केशव…