वह प्रेम है ही नहीं जिसका उद्देश्य शरीर को पाना है। हर युग में प्रेम का मतलब राधा-कृष्ण बन जाना है।। माता-पिता एवं गुरुजनों को भुलाकर प्रेम नहीं होता। संस्कृति…
Author: Anupama Priyadarshini
हमारा संविधान- मो.मंजूर आलम
दिया है हक हमें लड़ने का बढ़ने का डटने का स्वप्न देखने का बोलने का समता का मर्ज़ी से पूजन शिक्षण करने का निर्बाध देश घूमने का। किसी भूभाग में…
माँ-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सभी देवियों से बढ़कर माँ ऊंचा है तेरा दर्जा, नहीं उतार पाऊंगा कभी जीवन भर मैं तेरा कर्जा। पहली बार जो आंख खुली तब दुनिया ने भरमाया था, प्रसव वेदना…
राष्ट्रभक्ति – अमरनाथ त्रिवेदी
राष्ट्रभावना की प्रबल ज्वाल में , नवगीत नित्य गाता हूँ । स्वप्नों में दिव्य चिनगारी है वह , जिसे रोज लिए फिरता हूँ । प्राण समर्पण करने से राष्ट्रहित ,…
अकड़म बकड़म – सुधीर कुमार
अकड़म बकड़म छंद — पद्धरि मात्रा — १६ अंत – जगण बच्चे सब पूछें यह सवाल । सूरज क्यो होता लाल-लाल ।। क्यों नीला लगता आसमान । भौंहों को कहते…
घनाक्षरी”मेरी कामना” – एस.के.पूनम
जाग कर प्रातःकाल,निकलूँ अकेले राह, मेरे दोनों चक्षुओं में,भरे कई रंग हैं। मृदुल झंकार सुन,नव अनुराग चुन, मन पुलकित होता, जीने का ये ढ़ंग है। उस पथ को मैं चला,जहाँ…
मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
बादल से जल मिले, भोजन से बल मिले, कभी कहीं तेल बिना, दीप नहीं जलता। काल पा के बड़ा होता, समय से खड़ा होता, बसंत के आने पर, वृक्ष भी…
जीवन का मर्म – कुमकुम कुमारी”काव्याकृति”
भूलकर भेदभाव,दिल में हो समभाव, जीभ पर रहे सुधा,प्रेम रस पीजिए। होठों पर मुस्कान हो,गम का न निशान हो, मीठे बोल बोलकर, सुख सदा दीजिए। जीवन में हो उमंग,चाह का…
पुस्तक मेला – नीतू रानी
रेणु उद्यान में पुस्तक मेला लगा है चलो हम सब करें पुस्तक दान, हर पंचायत में हो एक पुस्तकालय पढ़ेंगे वहाँ बच्चे बूढ़े जवान। राहुल कुमार डीएम साहब के द्वारा…
पुस्तक सच्ची मित्र हमारी -मीरा सिंह “मीरा”
भला बुरा सबको समझाती हल्का करती हर दुख भारी। हाथ पकड़कर राह दिखाती पुस्तक सच्ची मित्र हमारी।। हर बाधा से हमें बचाती यह जीने का हुनर सिखाती। जब गहराता गहन…