Author: Anupama Priyadarshini

Amarnath Trivedi

ज्ञान के आलोक में -अमरनाथ त्रिवेदीज्ञान के आलोक में -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:09 pm

ज्ञान के आलोक में , अज्ञानता को छोड़ दो । जलन की ; हठधर्मिता की , सारे बंधन तोड़ दो[...]

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Jainendra

शरद्ऋतु- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’शरद्ऋतु- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:06 pm

सूरज दादा शांत पड़े हैं जाड़े ऋतु से डरकर, सीना तान खड़ा हुआ शरद्ऋतु जब तनकर। चाय-कॉफी सबका मन भाए,[...]

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Ashmaja Priyadarshini

राष्ट्र नेता- अश्मजा प्रियदर्शिनीराष्ट्र नेता- अश्मजा प्रियदर्शिनी

0 Comments 8:53 pm

रक्त से लिखी गई गाथा जिनकी, बल-बलिदान अहिंसा बने आदर्श। राष्ट्र के प्रति सहज विश्वास के प्रतीक उस श्रद्धा समर्पित[...]

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Amarnath Trivedi

मानवी अभ्युदय के यथार्थ – अमरनाथ त्रिवेदीमानवी अभ्युदय के यथार्थ – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:38 pm

समस्त विश्व मे सम्मुख यह काया , सदा -सदा अति न्यारी । प्रेयसी बन विचरण करती यह , कभी माँ[...]

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Amarnath Trivedi

चालाक नहीं- अमरनाथ त्रिवेदीचालाक नहीं- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:25 pm

चालाक नही ; बुद्धिमान बनो , कर्मवान बनो ; द्युतिमान बनो । अपमान नही ; सम्मान करो , सबका हित[...]

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Jaykrishna

बधाई हो -जयकृष्णा पासवानबधाई हो -जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:56 pm

धरती की तू पताल रस से, विद्या का रसपान किया। बादल- बरसे और बिजली, चमकी फिर दरिया भी तूफान किया।।[...]

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Jainendra

बसंत बहार- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बसंत बहार- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:50 pm

घनाक्षरी छंद में (१) बागों में बहार आई, मन में उमंग छाई , भांति-भांति फूल देख, छूटे फुलझड़ियां। जहां भी[...]

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Nitu Rani

कलयुग सा संसार- नीतू रानीकलयुग सा संसार- नीतू रानी

0 Comments 9:45 pm

ये है कलयुग सा संसार जिसमें है दुखों का भंडार, यहाँ लड़ाई-झगड़े रोज हैं होते होते हैं मारकाट। ये है[...]

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S K punam

मनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम

0 Comments 9:41 pm

छंद:-मनहरण घनाक्षरी “सियाराम” पहनते पीताम्बर,सियाराम साथ-साथ, भोर उठे साथ चले,प्रीतम का प्रीत है। हाथ पकड़े सिया का,कभी न अलग हुआ,[...]

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