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मैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा – पुनम कुमारी
मैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा,
तुमसे ही रोशन संसार मेरा।
तुम्हारी हँसी में खुशियाँ बसी हैं,
तुमसे ही महके संसार मेरा।
तुम नन्हे सितारे, तुम उजियारा,
तुमसे ही सुंदर जग सारा।
तुम्हारे सपनों को पंख लगाऊँ,
ज्ञान की राह पर तुम्हें बढ़ाऊँ।
मैं वीणा बनकर स्वर बिखेरूँ,
तुम सुर बनकर जीवन सँवारो।
मैं दीप बनूँ तुम्हारी राहों का,
तुम ज्ञान से जग को उजियारो।
तुममें छिपा है कल का सवेरा,
तुमसे ही सुंदर देश हमारा।
मेहनत, सच्चाई और प्रेम अपनाकर,
तुम बनना भारत का सितारा।
न जाति का बंधन, न भेदभाव हो,
हर बच्चे का अपना सम्मान हो।
शिक्षा की धारा बहती रहे,
हर आँगन में खुशियों का गान हो।
मैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा,
तुमसे ही सजता संसार मेरा।
तुम आगे बढ़ो, ऊँचा नाम करो,
तुमसे ही रोशन देश हमारा।
कवयित्री का नाम: पुनम कुमारी
विद्यालय: उच्च माध्यमिक विद्यालय, करजा
प्रखंड: शाहपुर
जिला: भोजपुर, बिहार

