पुस्तकें प्रेरणा वान, ज्ञान का है वरदान, सच्चा मीत मानकर, आत्मसात कीजिए। प्रतिदिन खोलकर, पाठ करें बोलकर, शारदे का अद्भुत ये, वरदान लीजिए। नये नये शब्द पढ़, सुंदर विचार गढ़,…
Author: Anupama Priyadarshini
प्रार्थना – संजय कुमार
खुशियाँ न देना तू इतनी प्रभु कि दुखियों के गम पर हँसने लगूँ ऊँचाई न देना तू इतना प्रभु कि धरती मुझे नीची लगने लगे शक्ति भी इतना न देना…
पुस्तकें – सुरेश कुमार गौरव
पुस्तक ज्योति समान है, तम को करती दूर। शब्द-शब्द में ज्ञान है, रस को लें भरपूर।। गुरुवाणी का गूंजना, देता सटीक विचार। वेद, शास्त्र, उपदेश में, छिपा हुआ आचार।। मीरा…
दोहा विधान – राम किशोर पाठक
आओं हम सीखा रहे, दोहा लिखना खास। सरल तरीका है यही, करना है अभ्यास।।०१।। जान रहा हूँ मैं यहाँ, ज्ञान हमारा अल्प। फिर भी हूँ बतला रहा, दोहा का संकल्प।।०२।।…
माँ – अश्मजा प्रियदर्शिनी
भू-तल पर जन-जीवन की तुम आशा हो। माँ तुम चराचर जगत की परिभाषा हो। तुम हीं लक्ष्मी, सरस्वती, तुमसे जीवन है, माँ तू जण-गण की सब कलिमल नाशिनी हो। तू…
पुस्तकें – रत्ना प्रिया
जीवन की आधार पुस्तकें, ज्ञान की भंडार पुस्तकें, “तमसो मा ज्योतिर्गमय” की, भरती है संस्कार पुस्तकें । जग को राह दिखानेवाली, ध्येय पथ ले जानेवाली, दुःख-संकट में पड़े मनुज की,…
अब हमें भूगोल बदलना चाहिए – निधि चौधरी
अब दुश्मन को मिलकर दलना चाहिए लाहौर कराची नही पूरा पाक दहलना चाहिए। गुस्ताखी कर दी,तुमने हमें छेड़ कर, अब इतिहास नहीं भूगोल बदलना चाहिए। खूब हुआ गणतंत्र दिवस का…
कुँवर सिंह – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी मृगराज सी हुँकार, चमकती तलवार, अंग्रेजों को ललकार, किए जो कमाल थे। उम्र अस्सी किए पार, यौवन सी स्फूर्ति धार, रविसुत हो सवार, बने जो विकराल थे। गोली…
वीर कुँवर की हुंकार – एस. के. पूनम
विधा: मनहरण छंद मगध की भूमि पर, कुँवर सेनानी वीर, हुंकार शार्दूल सम, दुश्मनों के काल थे। न थी उम्र की चिंता, न थी शिकन की रेखा, आभा लिए रवि-सम,…
वीर कुँवर सिंह – रत्ना प्रिया
वीर कुँवर, तुम मगध भूमि के, भारती के लाल थे, अंग्रेजों को मार भगाने, संहारक व काल थे। अस्सी वर्ष की तरुणाई ने, शत्रु का प्रतिकार किया, गुरिल्ला युद्ध में…