जो अपने दिन-रात व्यवस्थित कर ले, सुखी वही है। जिसका मन फलाफल के प्रति संतुष्ट है, सुखी वही है।। जो[...]
Author: Anupama Priyadarshini
माँ की बात – डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘माँ की बात – डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘
माँ की मैं क्या बात बताऊँ, माँ थीं बहुत ही प्यारी। मेरे तन मन सब में बसतीं, माँ मेरी थीं[...]
आओ अभिनंदन करें – मनु कुमारीआओ अभिनंदन करें – मनु कुमारी
आओ अभिनंदन करें हम , देश के वीर जवानों का। जिसने हमेशा ध्वस्त किया है, दुश्मन के अरमानों का।। गूंज[...]
स्याही अनुभव की – अवनीश कुमारस्याही अनुभव की – अवनीश कुमार
ज़िंदगी के सफर में … बहुत कुछ देखा, बहुत कुछ सुना, बहुत कुछ सीखा, बहुत कुछ समझा। अरे ! समझा[...]
सिंदूर की चिंगारी- अर्जुन केशरीसिंदूर की चिंगारी- अर्जुन केशरी
धधक उठा है आज हिमालय, वीरों का है गर्जन। सिंदूर की ललकार बनी, आतंकी का अब तर्जन। पहलगाम के अश्रु[...]
शिक्षा का हमारे जीवन में महत्व – मृत्युंजय कुमारशिक्षा का हमारे जीवन में महत्व – मृत्युंजय कुमार
शिक्षा से बदलती है तस्वीर। शिक्षा हीं बदलती है तकदीर।। शिक्षा का है हमारे जीवन में बड़ा महत्व। शिक्षा से[...]
फल, फूल, सब्जी- नीतू रानी निवेदिताफल, फूल, सब्जी- नीतू रानी निवेदिता
फल, फूल, सब्जी, खाइए भरपूर जी। चीनी, तेल, घी, खाने से पहले मुँह को लें सी। ज्यादा न खाओ चावल[...]
कौन रुका है? – गिरीन्द्र मोहन झाकौन रुका है? – गिरीन्द्र मोहन झा
कौन रुका है? प्रश्न है कौन रुका है? सूर्य, मंदाकिनी का चक्कर लगाते, अवनि, सूर्य का चक्कर लगाती, मयंक, पृथ्वी[...]
उठा वीणा बजा डालूँ – अमरनाथ त्रिवेदीउठा वीणा बजा डालूँ – अमरनाथ त्रिवेदी
उठा वीणा बजा डालूँ , सुना मधुमास आया है । ये तारें हैं वीणा की , मधुर झंकार लाया है[...]
प्रकृति का संदेश – सुरेश कुमार गौरवप्रकृति का संदेश – सुरेश कुमार गौरव
चलो चलें उस शांत वन में, जहाँ बसी है प्राण धुन में। पत्तों की बोली बह रही है, हरियाली के[...]
