विधा: गीतिका भटके को राह दिखाएँ हम, सबको गले लगाएँ हम। कलुष भाव के घोर तिमिर में, प्रेम-पुंज फैलाएँ हम।।[...]
Author: Anupama Priyadarshini
छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
रीढ़ देश की हैं मजदूर। नेह सुधा सुख दें भरपूर।। नित्य बहाते श्रम का स्वेद। मन में कभी न रखते[...]
सनातन धर्म – गिरीन्द्र मोहन झासनातन धर्म – गिरीन्द्र मोहन झा
धर्म जिसे कहते हैं। वह सनातन, शाश्वत, परित: है। धर्म वह है, जिससे हो, सबका सर्वांगीण विकास। सद्गुणों को धारण[...]
सुनो-सुनो मजदूर हूँ मैं – मनु कुमारीसुनो-सुनो मजदूर हूँ मैं – मनु कुमारी
सिर पर भारी बोझ उठाएँ। दर्द सहें पर न घबराएँ। दो जून की रोटी पर हीं , मन में रखता[...]
परशुराम जयंती- राम किशोर पाठकपरशुराम जयंती- राम किशोर पाठक
दोहा छंद चार सनातन युग शुभद, करते ग्रंथ बखान। कालखंड सबके अलग, करे सभी गुणगान।।०१।। सतयुग का प्रस्थान था, त्रेतायुग[...]
अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस – राम किशोर पाठकअंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी आमोद प्रमोद संग, मन में भरे उमंग, आह्लाद विनोद रंग, नृत्य कर लीजिए। तन मन झूम उठे, आलस्य[...]
जमीनी आदमी ठहरा – एस.के.पूनमजमीनी आदमी ठहरा – एस.के.पूनम
विधाता छंद। विनय से हाथ जो जोड़ा, झुकाया शीश भी अपना। लिए मुस्कान, हूँ हर्षित, रहा मैं देखता सपना।। सजग[...]
आतंक एक नासूर – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’आतंक एक नासूर – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
रुप घनाक्षरी छंद में सीमाओं की रक्षा हेतु, कुर्बानी भी देनी होगी, कभी नहीं अधिकार, माँगा जाता हाथ जोड़। बार-बार[...]
धरा विचार – मुक्तामणि छंद – राम किशोर पाठकधरा विचार – मुक्तामणि छंद – राम किशोर पाठक
धरा विचार – मुक्तामणि छंद धरती कहती प्रेम से, सुनें प्यार से बातें। भूल अगर करते नहीं, आज नहीं पछताते।।[...]
दोहा – सुधीर कुमारदोहा – सुधीर कुमार
दोहा कुँवर सिंह मात्रा — २४ यति — १३,११ कुँवर सिंह के त्याग को , कैसे जाएँ भूल । देश[...]
