पृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठक

विषय – पृथ्वी दिवस छंद – कुण्डलिया पृथ्वी दिवस मनाइए, करिए सदा विचार। फैल रहे प्रदूषण का, करना कम रफ्तार।। करना कम रफ्तार, सदा बढ़ते हैं जाना। अधिक लगाकर पेड़,…

ॐ ब्रम्ह का स्वरूप – डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या

संगीत प्रकृति का ॐ सुनो, अनहद का यह नाद सुनो। खुद में खुद के होने का भी, सुर सुंदर ओंकार सुनो। कहाँ शुरू यह जीवन होगा, अंत कहाँ है प्राण…

पिता – राम किशोर पाठक

द्विगुणित सुंदरी छंद सबका बोझ उठाना, करना नहीं बहाना। अपना दर्द छुपाना, हर पल ही मुस्काना।। सबका शौक पुराना, उफ्फ नहीं कर पाना। संघर्ष की कहानी, नहीं सुनाना जाना।। हाथ…

बदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठक

द्विगुणित सुंदरी छंद शिक्षक सभी हमारे, बदलें बिहार आओ। शिक्षा दीप जलाओ, ज्ञान पुंज फैलाओ।। प्रण यह करने आओ, औरों को समझाओ। जीवन जीने आओ, जीना भी सिखलाओ।। अंतस अभी…