Author: Anupama Priyadarshini

वीर कुँवर सिंह – रत्ना प्रियावीर कुँवर सिंह – रत्ना प्रिया

0 Comments 12:45 pm

वीर कुँवर, तुम मगध भूमि के, भारती के लाल थे, अंग्रेजों को मार भगाने, संहारक व काल थे। अस्सी वर्ष[...]

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विधा: दोहा – देवकांत मिश्र ‘दिव्यविधा: दोहा – देवकांत मिश्र ‘दिव्य

0 Comments 12:38 pm

विधा: दोहा पृथ्वी दिवस मनाइए, लेकर नव विश्वास। जन-जन को जागृत करें, पेड़ लगाएँ पास।। हरित दिखे धरती सदा, ऐसा[...]

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वसुधा पुकारती – एस. के. पूनमवसुधा पुकारती – एस. के. पूनम

0 Comments 12:26 pm

विधा – मनहरण छंद तड़ाग में भरा पंक, अब खिलेगा सारंग, पुष्प पर बैठे अलि, बना है शरारती। लुभावने लग[...]

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आओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठकआओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठक

0 Comments 12:18 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद आओं दीप जलाएं, सबको राह दिखाएं। सच करना सपनों को, आओं हम सिखलाएं।। देखो अनपढ़ कोई, भूल[...]

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खाकर हो जाते हवा हवाई – नीतू रानीखाकर हो जाते हवा हवाई – नीतू रानी

0 Comments 12:10 pm

पृथ्वी दिवस मनाइए, साल में दो पेड़ लगाइए।। पृथ्वी को रखिए सुरक्षित, लगाइए उस पर सुंदर-सुंदर वृक्ष।। उपजाइए पृथ्वी पर[...]

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पृथ्वी को सुरक्षित करें – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”पृथ्वी को सुरक्षित करें – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”

0 Comments 12:01 pm

आओ हम सब मिलकर एक नया प्रयास करें। पृथ्वी भी होती है दुखित, इसका आभास करें।। हम सब तो अपने[...]

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धरती माँ की पुकार – सुरेश कुमार गौरवधरती माँ की पुकार – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 11:53 am

धरती माँ की बेहद करुण कहानी, सुन लो हे मानव! मत करो नादानी। पेड़ कटे, नदियाँ सूखीं, ज़मीन हुई कम,[...]

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शहर की चीख – अवनीश कुमारशहर की चीख – अवनीश कुमार

0 Comments 11:44 am

धक्के खाते लोग, दर-दर भटकते लोग, जहरीली हवा निगलते लोग, सपनों को रौंदते–कुचलते, एक-दूसरे से आगे निकल जाने की चाह[...]

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कुंवर सिंह: बलिदान की गाथा -सुरेश कुमार गौरवकुंवर सिंह: बलिदान की गाथा -सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 11:36 am

जय-जय वीर कुंवर बलिदानी, भारत माँ के भक्त स्वाभिमानी। अस्सी वर्ष में भी थी ललकार, शौर्य-ध्वजा उठा कर दी यलगार।।[...]

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मिल जुलकर ये प्रण दुहराएं – रूचिकामिल जुलकर ये प्रण दुहराएं – रूचिका

0 Comments 11:28 am

आओ सब हम मिलजुलकर ये प्रण दुहराएं, हरित धरा के लिए सदा प्रयत्न हम कर जाएं। अनावश्यक पेड़ों की कटाई[...]

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