शिक्षक की गोद में पलता,उत्थानों का भाव। जिसकी पीठ पकड़ कर चलता,पड़ता देश प्रभाव॥ बोए बीज वही बन जाता,वटवृक्षों का नाम। उसकी छाया में संवरता,जन-जन का अभिराम॥ काल की गति…
Author: Anupama Priyadarshini
बड़ा कठिन है रे मन -अवनीश कुमार
(श्रुतिकीर्ति की अंतरवेदना) बड़ा कठिन है रे मन! राजरानी बनकर अवध में रहना, और राजर्षि पति शत्रुघ्न का भ्रातृधर्म निभाने को संकल्प लेना और… बिन कहे प्रिय से दूरी का…
मोबाइल का जाल – सुरेश कुमार गौरव
मोबाइल आया संग में मिली सुविधा, बढ़ती गई इस विचित्रता की दुविधा। ज्ञान-विज्ञान का खोल के पिटारा, छीन लिया हमसे अपनों का सहारा। सुबह उठें तो स्क्रीन की तलाश, रात…
जागो, उठो समय है पुकारता – सुरेश कुमार गौरव
उठो जवानों, चलो बनाओ, नव युग का इतिहास रचाओ। हौसलों से भर दो धरती और गगन, हर दिशा में करो आलोकित जीवन। तुम हो शक्ति, तुम हो रणवीर, तुम्हीं में…
मुट्ठी में आकाश करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति
इक-इक पल है कीमती जानो स्वयं से तुम संवाद करो। व्यर्थ की बातों में उलझकर न वक्त अपना बर्बाद करो।। मिलती सफलता उसको निश्चित जिसने चित्त में ठाना है। अंतक…
प्रगति तुम बढ़े चलो – सुरेश कुमार गौरव
प्रगति तुम बढ़े चलो, नयन स्वप्न गढ़े चलो, अंधेरे हटा के तुम, नयी भोर गढ़े चलो। धरा से गगन तलक, पताका चढ़े चलो, प्रगति तुम बढ़े चलो, प्रगति तुम गढ़े…
सुन री दीया – अवनीश कुमार
सुन री दीया काश! तू सुन पाती, मेरी विरह-व्यथा समझ पाती। तेरी जलती लौ से, क्या-क्या अनुमान लगाऊं? मद्धिम पड़ती लौ से, क्या-क्या कयास लगाऊं? बिन पिया, दीया, तुझे क्या-क्या…
जीने का अधिकार – मनु कुमारी
(दोहा सृजन) सभी जीव को है यहां,जीने का अधिकार। हक उसका मत छीनिए ,करिये केवल प्यार।। बेटी को यूं कोख में, मत मारो तुम यार। ईश्वर की वह देन है,करो…
हम हैं टीचर्स ऑफ़ बिहार – मनु कुमारी
शिक्षा का हम दीप जलाते। अज्ञान तिमिर को दूर भगाते। नैतिकता का पाठ पढ़ाते। स्वयं का उसको बोध कराते। करते बच्चों में हर-दिन हम, नव आशाओं का संचार । हम…
बाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठक
पेंसिल की है बात निराली, चलती है यह काली काली। अब तो रंग बिरंगी है आती, बच्चों का मन खूब है भाती। जो मन आये वो लिख पाऍं, गलत होने…