अस्सी की अवस्था जब होने को आई बुद्ध ने संघ में निर्वाण की इच्छा जताई सुनते हीं संघ के बौद्ध भिक्षु बिलख- बिलख कर रो पड़े। शाल पेड़ की ओट…
Author: Anupama Priyadarshini
कुछ खबर है आपको- अवनीश कुमार
कुछ खबर है आपको आप बैठे रेस्तरां में जब ले रहे सुस्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद हाथों में डाले पत्नी का हाथ पकड़ा मोबाइल बच्चे के हाथ कर रहे आप दोनो…
My Nation and our hearts so true- Ashish Kumar Pathak
January 26th a special day we celebrate India in a special way The constitution guides us on this day so bright we honour our nation with all our might The…
मेरा भारत महान -नीतू शाही
मेरा भारत महान, तेरी जय हो तेरी धरती पर, मैने जन्म लिया हो तेरी नदियों का जल, मेरी प्यास बुझाता हैं तेरे पहाड़ों की छाया मेरे मन को शांति देती…
Way of life – Ashish Kumar Pathak
The way of life an anchor for youngsters a road map to truthfulness an easy inspiration Truthful mirror, in this era of rampant greed widespread violence runaway consumption political anarchism…
जिन्दगी के दौर में – Sanjay Kumar
जिन्दगी के दौर में जब खुद को अकेले पाना तुम खुद ही, ख़ुद का सूरज समझ लेना जो स्याह रात को, समाप्त करता है। जब मंजिल मुश्किल और दूर लगे…
दूर तक चलते हुए -शिल्पी
घर की ओर लौटता आदमी होता नहीं कभी खाली हाथ हथेलियों की लकीरों संग लौटती हैं अक्सर उसके अभिलाषाएं, उम्मीद, सुकून और थोड़ी निराशा घर लौटते उसके लकदक कदम छोड़ते…
धरा के आभूषण- मीरा सिंह “मीरा “
दादी माँ हमको समझाई क्यों करते वृक्षों का पूजन ? वृक्ष सभी होते हितकारी ये धरती के हैं आभूषण।। ये हरते हैं ताप धारा का करें वायु दूषित का शोधन।…
मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
सिर घुँघराले लट, तन पीतांबर पट, बहुत है नटखट, साँवरा साँवरिया। मंत्र मुक्त होता कवि, जाता बलिहारी रवि, मन को लुभाती छवि, होंठों पे बाँसुरिया। जाता पनघट पर, ग्वाल-बाल मिलकर,…
एक शिक्षक- पुष्पा प्रसाद
एक शिक्षक अपनी पूरी जिंदगी बच्चो के साथ बिताते हैं। खुद सड़क की तरह एक जगह रखते है पर विद्यार्थी को मंजिल तक पहुंचा देते है । कोई पेशेवर खिलाड़ी…