किरणें जो सतह से टकराए कहलाती हैं आपतित, टकरा कर लौटती किरणें कहलाती हैं परावर्तित.. हो सतह यदि चिकनी-समतल तो[...]
Author: Anupama Priyadarshini
बंधन प्रीत के – संजय कुमारबंधन प्रीत के – संजय कुमार
आपसे ही बंधी,मेरे जीवन की हर डोर आपसे ही पिया सांझ है,आपसे ही भोर। आप ही मेरे,मनमंदिर के अप्रतिम देव,[...]
ईश्वर की लीला जान – एस.के.पूनमईश्वर की लीला जान – एस.के.पूनम
खींची रेखा किस्मत की, बर्षों की थी इंतजार, कोसों दूर आन मिली,ईश्वर की लीला जान। माँग है सिंदूरी लाल, बिंदिया[...]
प्रेरणा गीत: सीखो – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्रेरणा गीत: सीखो – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
प्रतिदिन अपनी माँ से सीखो करुणा को बरसाना। प्रेम-भाव से सिक्त हृदय में सौम्य सुमन महकाना।। अनुशासन चींटी बतलाती गुण[...]
देव गजानन – मीरा सिंह “मीरा”देव गजानन – मीरा सिंह “मीरा”
आओ घर में देव गजानन करके वाहन मूस सवारी। तेरे दर्शन को आतुर है इस दुनिया में सब नर नारी।।[...]
हरितालिका तीज – जैनेन्द्र प्रसाद रविहरितालिका तीज – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
सुहागिन महिलाएं अपने पति के लिए, दीर्घायु जीवन हेतु, रखतीं हैं उपवास। मन-कर्म वचन से करती हैं उपासना, माँगती दुआएँ[...]
गणेश चतुर्थी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’गणेश चतुर्थी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
बिगड़ी बनाने हेतु सभी तेरे द्वार आते, श्रद्धा पूर्वक भक्तों के, वंदना में झुके माथ। नारियल फल-फूल मोदक चंदन लिए,[...]
वंदना में झुके माथ – एस.के.पूनमवंदना में झुके माथ – एस.के.पूनम
पार्वती के प्रिय पुत्र, एकदंत गणपति, आगवन घर-घर,लाए हैं आनंद साथ। मंदिरों के पट खुले, फूल माला खूब चढ़े, कुंज-कुंज[...]
ओज़ोन दिवस – रणजीत कुशवाहाओज़ोन दिवस – रणजीत कुशवाहा
आज दिवस है बहुत विशेष। ओज़ोन दिवस पर यह संदेश।। ज्यों बढ़ता कार्बन उत्सर्जन। घटे परत ओज़ोन दिनों -दिन।। वसुंधरा[...]
अभिलाषा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’अभिलाषा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
महीनों के बाद मिला ये फल मेहनत का, हरा-भरा खेत देख, हँसता किसान है। बाँध और क्यारियों में लबालब पानी[...]
