तेरा पिता हूँ मैं

तेरा पिता हूँ मैं तेरी गहरी से गहरी विपत्तियों की थाह हूँ मैं ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में कठिनाईयों के किसी मोड़ में जब तुम निराशापूर्ण धुप से कुम्हला जाओ तो…

बाल गीत (सुंदर धूप में)

गीतिका छंद सृष्टि सुंदर धूप में। बाल भोलेनाथ ऐसे, रूप दिखला दें कहीं। धन्य प्राणी मान ले वो,कामना अरु कुछ नहीं।। वेशभूषा से लगा है,नाथ बालक रूप में। क्या गजब…

जीवन की बगिया

।।जीवन की बगिया।। जीवन की बगिया में देखो फूल भी है और कांटे भी खड़ी धूप और अंगारे भी चलते जीवन की राहों में  जीवन के रंग निराले भी  …

Jago pyare

जागो प्यारे जागो प्यारे हुआ सवेरा, मैं देखूं हंसता मुख तेरा। होठ हिला कर कमल खिलाओ, रुनुक झुनुक पैजनी बजाओ। मुझे लुभाओ तुम गा-गा कर, मीठे-मीठे बोल सुना कर। सबके…

चेतावनी

चेतावनी अहंकार लिए तु किसे ढूंढता है मुरख, धन वासना और सुख सागर के बन्धनों में, आनन्द तुम्हारे अन्दर ही उबाल मार रहे होंगे परमानन्द मिलेंगे तुम्हारे ही हर व्यवहारों…

बाल गीत

प्रहरणकलिका छंद   1111112  1111112   सचमुच शिवरूप मगन दिखते। गतिविधि करते खिल-खिल खिलत।। तिलक चमक चंदन सम तिरते। सर पर कच काजल कर फिरते।। तन पर बघ-छाल नयन भरते।…