Author: Anupama Priyadarshini

पर्यावरण-संगीता कुमारीपर्यावरण-संगीता कुमारी

0 Comments 6:23 pm

पेड़ लगाओ, भविष्य बचाओ पेड़ लगाओ, भविष्य बचाओ, प्रदूषण कम करो, जीवन बचाओ। हरित क्रांति की ओर बढ़ो, पर्यावरण को[...]

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भारत के मंत्रिमंडल – उषा कुमारीभारत के मंत्रिमंडल – उषा कुमारी

0 Comments 6:21 pm

हमारे देश का नाम है भारत, इसकी बहुत पुरानी कहानी। नई दिल्ली है भारत की राजधानी।। जुकाम जब कभी आए,[...]

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Jainendra

सुखी होगा परिवार- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’सुखी होगा परिवार- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:26 am

रूप घनाक्षरी छंद में पितरों को तिल जल- कुशाग्र अर्पण करें, उनके आशीष से ही, सुखी होगा परिवार। नदियों या[...]

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Jainendra

जैसी होती भावना- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’जैसी होती भावना- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:17 am

जैसी होती भावना मनहरण घनाक्षरी छंद मानने से पत्थर में- मिलते हैं भगवान, दूध में मक्खन सिर्फ, देखे मेरी भावना।[...]

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Jainendra

अँखियाँ भिगोने से- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’अँखियाँ भिगोने से- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:52 am

मनहरण घनाक्षरी छंद कड़ी धूप खिलने से- परेशानी बढ़ जाती, मौसम बदल जाता, बरसात होने से। मजदूर किसानों की- मेहनत[...]

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स्कूल कितना जरूरी है!स्कूल कितना जरूरी है!

0 Comments 9:56 pm

शीर्षक – स्कूल कितना जरूरी है!   यह स्वतंत्र हंसी ये आंखों की चमक बता रही है कि.. लड़कियों के[...]

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