छंद – कुंडल मात्रा — 22 वर्ण —- 14 यति – 12 , 10 अंत — 2 ,2 2121 2121 , 2121 22 रोग हैं दहेज एक , जान लो…
Author: Anupama Priyadarshini
श्रीहरि- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
श्रीराम मेरे भगवान मेरे, नित-नित मैं जपूँ बस नाम तेरे। काशी में रहूँ या रहूँ मैं कहीं, प्रभु आप रहें स्मरण में मेरे।। असुरों ने जब अत्याचार किया, धर्म-कर्म को…
गुण को नमन- जैनेन्द्र प्रसाद रवि
फल फूल अन्न मिले, पौष्टिक भोजन मिले, परम नमनीय है, पसीना किसान के। देश की वो रीढ़ होते, धरती में बीज होते, जिनसे आबाद मिट्टी, खेत खलियान के। देश के…
दीदी लता- नीतू रानी
चली गईं साक्षात सरस्वती जिसका नाम था दीदी लता, वह बसी हैं हमसब के हृदय में जो लिखकर चली गईं अपनी गाथा। लगता नहीं है शायद फिर वो आएँगीं कहाॅ॑…
मधुमास चैत्र मास- सुरेश कुमार गौरव
फाल्गुन मास में ही अनुभूति प्रदान कर जाती, फिर चैत्र मास आकर जगाती सुंदर भावों में! 🍂 आनंद बांटती यह मधुमास या चैत्र मास, जैसे वसंत का होता आगमन फाल्गुन…
भारत नववर्ष चैत्र मास- सुरेश कुमार गौरव
प्रकृति प्रदत्त इस नव वर्ष चैत्र मास का, जब होता शुभ प्रवेश! पेड़-पौधों, फूल, मंजरी,कलियों में ,तब आ जाते नव आवेश!! नव वातावरण का नूतन उत्साह, मन को कर देता…
जीवन मार्ग- सुरेश कुमार गौरव
जीवन की ये कटु सच्चाई है कि असफलताओं के बिना प्रगति नहीं। चढ़ते-चढ़ते गिरना फिर उठना संभलकर कदम आगे को बढाना। अनुशासन है जीवन की प्रगति जो न माने उसकी…
गुरु और शिष्य”- सुरेश कुमार गौरव
जब बालपन और बालमन था तब गुरुओं ने ही ज्ञान पिपासा से जोड़ा भविष्य के मुहाने पर ला सुपथ पर चलने का मार्ग प्रशस्त किया। क्षमा करें वैसे गुरुवर शील…
स्वास्थ्य मंत्र- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
दूर होंगे कष्ट सारे, निरोग रहोगे प्यारे, रोज दिन कुछ देर कसरत करना। राम-राम भज कर, आलस को तज कर, बिस्तर सवेरे छोड़ सुबह टहलना। भूख लगने पे खाना, जल्दी…
प्रकृति जीवन प्रभात- सुरेश कुमार गौरव
हुआ सबेरा जाग उठा जीवन प्रभात! धरा की दूब पर मोती स्वरुप ओस हैं पड़े मंद-मंद वयार ताजगी के फूल खिले हैं अड़ें ओस की बूंदें धरती का करे शीतल…