Author: Anupama Priyadarshini

Dr Swarakshi swara

बाल कविता – डॉ स्वराक्षी स्वराबाल कविता – डॉ स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 11:38 am

नहीं खानी है रोटी-सब्जी मम्मी पीजा ला दो न मारे गर्मी बदन जल रहा पेप्सी भी मंगवा लो न ।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

मनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम

0 Comments 7:51 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विद्या:-मनहरण घनाक्षरी 🌹कविता सुनाइके🌹 काव्य पथ पर चला, शब्द जोड़-जोड़ कर, प्रेम गीता लिख दिया,शब्दों को सजाइके। विचारों[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

चल मुनिया-मीरा सिंह “मीरा”चल मुनिया-मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 1:14 pm

तुझमें हिम्मत बल मुनिया। चल आगे बढ़ चल मुनिया। देखेगी दुनिया सारी तुझमें कितना बल मुनिया।। अवरोधों से मत घबरा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Manoj

जय होगी- मनोज कुमार दुबेजय होगी- मनोज कुमार दुबे

0 Comments 6:58 pm

आज नही तो कल तुम्हारी ही जय होगी भाग्य नही केवल मेहनत से ही तय होगी अंधकार का नाश प्रकाश[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Vivek

कबाड़ से जुगाड़- विवेक कुमारकबाड़ से जुगाड़- विवेक कुमार

0 Comments 7:53 am

बच्चों की आस हूं, रहता उनके पास हूं, सीखने सिखाने में उस्ताद हूं, हर पल देता उनको दाद हूं, देश[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nitu Rani

कृमि का दवा खाएँ- नीतू रानीकृमि का दवा खाएँ- नीतू रानी

0 Comments 10:50 pm

चलो बच्चो चलो कृमि की दवा खाएँ, कृमि दवा खाकर कृमि दिवस मनाएँ। सुनो बच्चो सुनो कैसे हम दवा खाएँ,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

रूप घनाक्षरी छंद- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’रूप घनाक्षरी छंद- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:30 pm

गुरू को समर्पित बागानों में फल-फूल, खेतों बीच कंद-मूल, सुमन को बसंत में, ‘रवि’ महकाता कौन! सूरज कहां से आता[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

नारी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नारी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:47 pm

समाज की बलि नित्य बनती है औरत, क्या समाप्त हो गई हमें इसकी जरूरत? श्रद्धा से प्रेरणा पा मनु को[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

पावन होली आई है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’पावन होली आई है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:46 pm

विधा: गीत(१६-१४) आओ स्नेहिल रंग उड़ाओ, पावन होली आई है। बच्चे बूढ़े नर- नारी पर, कैसी मस्ती छाई है।। सुंदर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें