Author: Anupama Priyadarshini

Jainendra

रूप घनाक्षरी छंद- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’रूप घनाक्षरी छंद- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:30 pm

गुरू को समर्पित बागानों में फल-फूल, खेतों बीच कंद-मूल, सुमन को बसंत में, ‘रवि’ महकाता कौन! सूरज कहां से आता[...]

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Jainendra

नारी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नारी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:47 pm

समाज की बलि नित्य बनती है औरत, क्या समाप्त हो गई हमें इसकी जरूरत? श्रद्धा से प्रेरणा पा मनु को[...]

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Devkant

पावन होली आई है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’पावन होली आई है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:46 pm

विधा: गीत(१६-१४) आओ स्नेहिल रंग उड़ाओ, पावन होली आई है। बच्चे बूढ़े नर- नारी पर, कैसी मस्ती छाई है।। सुंदर[...]

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suresh kumar gaurav

रंगोत्सव जीवन राग- सुरेश कुमार गौरवरंगोत्सव जीवन राग- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 10:01 pm

प्रियवर! रंगोत्सव आई है सुख में भी हंसना दुख को भूल जाना जी भरके जीवन तराने गाना रंगोली बन खुद[...]

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Jaykrishna

नारी शक्ति- जयकृष्णा पासवाननारी शक्ति- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 9:59 pm

चंडी की अवतार तू अबला, जग है तेरे रखवाले। रुप धारण की आन पड़ी है, अब तेरे किस्मत उजियारे।। “धधक[...]

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Manoj (Vaishali)

होली तेरे संग चले -मनोज कुमारहोली तेरे संग चले -मनोज कुमार

0 Comments 9:57 pm

होली तेरे संग चले हर एक कली जब बोल उठे, मादक मंजर रस टपके, कोयल कूके तन तरसे, बाग की[...]

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Nidhi

चंचल वन में मनी है होली-निधि चौधरीचंचल वन में मनी है होली-निधि चौधरी

0 Comments 9:55 pm

एक बाल कविता होली आई होली आई, चंचल वन की टोली आई। शेर, जिराफ,लोमड़ी, सियार, सभी को भाया है त्योहार।[...]

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Jainendra

गुरु को नमन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’गुरु को नमन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:53 pm

पूरब में देख लाली, झूमती है डाली डाली, धरती आबाद होती, सूरज किरण से। बसंत बहार देख, फूलों की कतार[...]

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sanjiv

पहली होली-संजीव प्रियदर्शीपहली होली-संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 8:55 pm

शादी के उपरान्त फाग में, मैं पहुँचा प्रथम ससुराल। जूता पतलून थे विदेशी, सिर हिप्पी कट बाल। ससुराल पहुंचते साली[...]

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Jainendra

होली में-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’होली में-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:53 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद रंगों का त्योहार आया, खुशियां अपार लाया, आपस की बैर भूल, गले मिलें होली में। गली-गली मचा[...]

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