सर्दी आई-मधु कुमारी

सर्दी आई आ गई अब सर्दी भाई निकल गई सबकी रज़ाई जब ठंडी हवा चले मस्तानी     याद आ जाए तब नाना नानी….. गर्मी भागी सर्दी धमक आई चारों…

प्रकाश पर्व-मधु कुमारी

प्रकाश पर्व चलो एक ऐसा दीप जलाएं मन के घने दुर्गुण तमस को सत्य के प्रकाश से जगमगाए आओ एक ऐसा दीप जलाएं…. करें ईर्ष्या, द्वेष, स्वार्थ की सफ़ाई मन…

अमृतपान करे संसार-मधु कुमारी

अमृतपान करे संसार  शरद पूर्णिमा की शीतल किरणें चमक रही है हर कण-कण में शीतल चांदनी शुभ संदेश लिए फैली अवनि, अम्बर, आँगन में। प्रफुल्लित हुई मतवाली धरा झूम रही…

बापू तुम थे महान-मधु कुमारी

बापू तुम थे महान बापू तुम थे महान बने हिंदुस्तान की शान मिली तिरंगे को पहचान तू भारत माता का अभिमान……. स्वदेशी और स्वच्छता संग खादी थी जिसकी पहचान जात…

कारावास में जन्मे मुरारी-मधु कुमारी

करावास में जन्मे मुरारी कारी अंधियारी रात में जन्मे थे मुरारी कारावास भी खुल गया और खुल गई …………..बेड़ियाँ सारी…………….. देख कान्हा की सांवली मोहिनी मूरत धन्य हुए वसुदेव संग…