जीत जीत तुम्हारी होगी बेशक है इसमें न कोई शक क्योंकि विधि का विधान है असत्य पर सत्य की जीत हीं तुम्हारी शान है……………. मुश्किलों से हारकर घबराना नहीं…
Author: madhukumari
अटूट रिश्ता-मधु कुमारी
अटूट रिश्ता हमारे रिश्ते में है मीठी तकरार भाई बहन का है ये अनोखा प्यार रखी के कच्चे धागे में बाँध लिया जिसने प्रीत का सारा संसार……… भाई सा जग…
आगमन-मधु कुमारी
आगमन देखो नई किरण बन नई सुबह का कितना सुहावना आगमन हो रहा है काली अंधेरी निशा का, प्रातःकाल किरणों के आने से गमन हो रहा है…… उषा का नव…
भारत का गुणगान-मधु कुमारी
भारत का गुणगान इस स्वतन्त्रता दिवस के पुनीत अवसर पर भारत का सुंदर, अद्भुत गुणगान लिख रही हूं भारत का अंतरिक्ष में उच्च स्थान लिख रही हूं भारत को…
स्तनपान अमरत्व दान-मधु कुमारी
स्तनपान अमरत्व दान मैं भी हूँ एक माँ, सर्वप्रथम मैं अपनी अनुभूति लिखूंगी.. माँ के दूध को अमृत समान कहूंगी, स्तनपान को पाक-पवित्र माँ के रक्त से निर्मित अमृतपान कहूंगी,…
सावन में झूला-मधु कुमारी
सावन में झूला आओ बच्चों मिलकर खेलें सावन में हम झूला झूलें खूब करें मस्ती-आनन्द मजे बचपन के अनूठे ले लें सावन में हम झूला झूलें। बरखा भी आई…
गुलाब-मधु कुमारी
गुलाब फूलों का राजा है गुलाब काँटो के बीच रहकर भी सदा मुस्कुराता है गुलाब। सुंदरता इसकी है निराली खुशबू इसकी प्यारी मतवाली सीख हमें ये देती नित पलपल मुश्किलों…
किताबें करती है बातें-मधु कुमारी
किताबें करती है बातें करती है किताबें बातें अतीत की, वर्तमान की और सुंदर भविष्य की…… प्यार की, दुलार की और रहस्यमयी वरदान की तो क्या सुनोगे…
वीर नहीं घबराते-मधु कुमारी
वीर नहीं घबराते है सच विपत्ति है जब आती कमजोरों को ही है डराती वीर नहीं है कभी घबराते धीरज से हर जंग पल में निश्चित ही वह जीत जाते।…
करें योग रहें निरोग-मधु कुमारी
करें योग रहें निरोग प्रातः काल जब करोगे योग सच मानो रहोगे सदैव निरोग प्रातः काल की कसरत यूं रंग लाएगी तन हीं नहीं मन भी प्रफुल्लित…