Author: madhukumari

Manu Raman Chetna

मन की वीणा के तार कसे-मनु कुमारीमन की वीणा के तार कसे-मनु कुमारी

0 Comments 10:25 pm

मन की वीणा के तार कसे, अब नए सुरों की बात करें। डर और संशय दूर हटाएँ, खुद पर फिर[...]

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Jainendra

भक्त हितकारी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’भक्त हितकारी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:55 am

विश्वनाथ मम नाथ मुरारी। त्रिभुवन महिमा विदित तुम्हारी।। कौशल्या नंदन बन रघुकुल आये, नीर निधि के बीच द्वारिका बसाये, कोई[...]

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Beauti kumari

ऋतुराज बसंत -ब्यूटी कुमारी ऋतुराज बसंत -ब्यूटी कुमारी 

0 Comments 11:17 pm

मनहर लगता दृश्य धारा, उपवन-उपवन खिले सुमन, धरा पर सरसों की पीली चुनरी,  केसरिया खिला टेसू फूल, तरु पर लगा[...]

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Snehlata

मैं हूं शिक्षक-डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्यामैं हूं शिक्षक-डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

0 Comments 4:45 pm

मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य[...]

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Manu Raman Chetna

तुम हो तो बसंत है-मनु कुमारीतुम हो तो बसंत है-मनु कुमारी

0 Comments 9:02 pm

तुम हो तो बसंत है, वरना मौसम रूठ जाते हैं, तुम्हारी हँसी से पतझर भी गीत गुनगुनाते हैं। तुम्हारा साथ[...]

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Manu Raman Chetna

मन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारीमन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारी

0 Comments 7:53 pm

एक साधारण गृह से उठी, चेतना की दिव्य ज्वाला। रविदास ने कर्म से तोड़ा, रूढ़ि-बंधन का हर ताला। न मंदिर[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

अश्रु आंखों में लिए-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ अश्रु आंखों में लिए-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

0 Comments 10:16 pm

आज जाने की घड़ी पर,रो रहा है आसमां। जो अभी परिवार ही हैं,कल रहेंगे पास ना।। राम आए कृष्ण आए,छोड़कर[...]

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S K punam

कहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनमकहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनम

0 Comments 10:12 pm

प्रभंजन आज चंचल है, विदाई सर्द की करते। अभी तो शुष्क धीरे से, तुषारापात को हरते। वसंती वात चलने से,[...]

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