प्रकृति की अनुपम छवि है नारी, सहनशील वसुंधरा, चंदा सी उजियारी शारदा की वीणा, मां दुर्गा की कटारी, मैं अवतारी हूं, हां मैं नारी हूं । उपवन की शोभा फुलवारी, …
Author: madhukumari
नारी तूँ नारायणी-नीतू रानी
नारी तूँ नारायणी तुम हो शिव की अर्द्धांगिनी, तुम्हीं हो कृष्ण की राधा रानी तुम्हीं हो घर की महारानी, तुम हो सबका दुःख हारिनी तुम्हीं हो साक्षात लक्ष्मी नारायणी, नारी…
करो नारी का सम्मान-आशीष अम्बर
नारी तुम प्रेम हो , आस्था हो, विश्वास हो , टूटी हुई उम्मीदों की एकमात्र आस हो । हर जान का तुम्ही तो आधार हो, उठो अपने अस्तित्व को सम्भालो…
नारी शक्ति-लवली कुमारी
हां मैं एक औरत हूं । सृष्टि की निर्माणकर्ता समर्पण ममता की मूरत त्याग बलिदान, कोमलता की सीरत प्रतिदिन घर के कामों में खुद को व्यस्त रखना पूजा की वंदना …
नारी की व्यथा-लवली कुमारी
खिड़की से झांक कर देखना सहमी ,सकुचाई सी खड़ी रहना दरवाजे पर आहट आते ही मन घबरा जाता आखिर कब तक आखिर कब तक यूं छुप -छुप कर रहना अकेली…
बिटिया पढ़ाबअ पापाजी-नीतू रानी
घर में खिलैहअ नून रोटिया हो, बिटिया पढ़ाबअ पापाजी। स्कूल में नाम लिखैहअ हो, हमरा पढ़ाबिहअ पापा जी। पढ़ी- लिखी लेबै हम नौकरिया हो, नाम तोहर हेतअ पापा जी। पढ़ाए-…
विद्युत प्रयोग -राम किशोर पाठक
विद्युत का करना उपयोग। बच्चों परिजन के सहयोग।। सुविधा देता हमें अनेक। इसे न समझो पर तुम नेक।। भींगे हाथों से परहेज। वरना देता झटका तेज।। कभी-कभी यह लेता प्राण।…
उमंग की सरिता-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
बसंती बयार चली, खिल गई कली-कली, *कोयल की आ गई है, फिर तरुणाई है।* चिड़ियाँ चहक रही, डालियाँ लचक रही, *बागों में महक रही, खूब अमराई है।* ऋतुओं में होता…
लोग के कामे बा कहे के, कहते रही-भारत भूषण आजाद
लोग के कामे बा कहे के, कहते रही, रउआ अच्छा काम करी, आगे बढ़ते रही। लोग के कामे बा जले के, जलते रही, रउआ अपना मेहनत से जलवा बिखेरते रही।…
एक युग का विराम-संजीत कुमार निगम
आपने जो बिहार को दिया, रहेगा सदा कर्जदार बिहार दे रहे राज्यसभा के लिए बधाई आपने पर आपका CM पद छोड़ना कैसे सहेगा बिहार, कुर्सियाँ बदल तो जाएँगी, पर उम्मीद…