पा जाते हर लक्ष्य हम, बिना किसी व्यवधान। मन लेता है जब वहाँ, हौसलों की उड़ान।। बाधाओं को चीर कर, करते रहिए नृत्य। हो जाता उनका सफल, सहज सदा हर…
Author: madhukumari
फागुन-राम किशोर पाठक
अन्न भरा खेतों में, मन को भाया है। हलचल अब रेतों में, फागुन आया है।। सरसों पीली फूले, मस्ती से झूमे। पाकर खिलती कलियाँ, भौरों ने चूमे।। मादक हुई हवाएँ,…
मन की वीणा के तार कसे-मनु कुमारी
मन की वीणा के तार कसे, अब नए सुरों की बात करें। डर और संशय दूर हटाएँ, खुद पर फिर विश्वास करें। सपनों को फिर जागृत करें, हिम्मत को फिर…
भक्त हितकारी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
विश्वनाथ मम नाथ मुरारी। त्रिभुवन महिमा विदित तुम्हारी।। कौशल्या नंदन बन रघुकुल आये, नीर निधि के बीच द्वारिका बसाये, कोई कहे रघुवर कोई गिरधारी। त्रिभुवन महिमा विदित तुम्हारी।। इन्द्र को…
बसंत ऋतु आया-मुन्नी कुमारी
देखो बसंत ऋतु है आया, कितना सुंदर खुशियां लाया। मोर, पपीहा, कोयल गाए, सुंदर-सुंदर पक्षी छाए। देखो बसंत ऋतु है आया, कितना सुंदर खुशियां लाया। सुबह-सुबह जब सुरज निकले, मन…
ऋतुराज बसंत -ब्यूटी कुमारी
मनहर लगता दृश्य धारा, उपवन-उपवन खिले सुमन, धरा पर सरसों की पीली चुनरी, केसरिया खिला टेसू फूल, तरु पर लगा नव पल्लव, आ गया ऋतुराज बसंत। बहे मंद- मंद…
मैं हूं शिक्षक-डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य तप का राही, वसुधा से अज्ञान मिटाने वाला हूँ। इस…
तुम हो तो बसंत है-मनु कुमारी
तुम हो तो बसंत है, वरना मौसम रूठ जाते हैं, तुम्हारी हँसी से पतझर भी गीत गुनगुनाते हैं। तुम्हारा साथ मिले तो राहें मुस्कुराती हैं, अधूरी-सी ज़िंदगी भी पूरी हो…
मन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारी
एक साधारण गृह से उठी, चेतना की दिव्य ज्वाला। रविदास ने कर्म से तोड़ा, रूढ़ि-बंधन का हर ताला। न मंदिर की सीढ़ी ऊँची, न तीर्थों का आडंबर भारी, मन की…
संत रविदास जयंती-नीतू रानी
आज है संत रविदास जी की जयंती आज का दिन है बड़ा महान, आज बनारस में लोग उत्सव मनाते करके तीर्थ प्रयाग स्नान। माघ पूर्णिमा को प्रकाश पर्व के रुप…