जग में लानेवाली माँ की, ममता का है मोल नहीं। कैसे चर्चा मैं कर पाऊँ, निकल रही है बोल नहीं।।[...]
Author: madhukumari
मां-बिंदु अग्रवालमां-बिंदु अग्रवाल
मैंने उसे कभी चैन से सोते नहीं देखा। मजबूरी का रोना कभी रोते नहीं देखा।। हर वक्त थामे रहती थी[...]
माँ-रूचिकामाँ-रूचिका
अधूरी हसरतों के संग अधूरी सी लगती जिंदगी, खुशियों की बातें लगती सब बिल्कुल ही बेमानी, तेरा साथ मेरे टूटते[...]
भजन से परम धाम पाइए – राम किशोर पाठक भजन से परम धाम पाइए – राम किशोर पाठक
सहज नाम बस राम गाइए। भजन से परम धाम पाइए।। सहज पाप करते हुए कभी। हृदय ताप धरते हुए कभी।।[...]
पुस्तक -राम किशोर पाठक पुस्तक -राम किशोर पाठक
जबसे मैंने प्रीत लगाई। हर मुश्किल का हल है पाई।। गर्वित जिससे मेरा मस्तक। क्या सखि? साजन! न सखी! पुस्तक।।०१।।[...]
सैनिक – राम किशोर पाठक सैनिक – राम किशोर पाठक
प्रहरी बनकर डटे हमेशा, रखते भारत को स्वाधीन। वीर हमारे सारे सैनिक, राष्ट्र सुरक्षा में तल्लीन।। हर मौसम में सीमाओं[...]
उपलब्धि-गिरीन्द्र मोहन झाउपलब्धि-गिरीन्द्र मोहन झा
सूर्य की उपलब्धि है कि सबको रोशनी, ऊर्जा, जीवन-शक्ति मिले, वृक्ष की उपलब्धि है, सबको फल-फूल, सुगंध, वायु, छाया मिले,[...]
साथ रहते गए-राम किशोर पाठक साथ रहते गए-राम किशोर पाठक
तंज कसते गए। अश्क बहते गए।। मान मैंने लिया। और सहते गए।। दर्द पीकर सभी। मस्त हँसते गए।। रंज कोई[...]
प्यारी धरती-आशीष अम्बरप्यारी धरती-आशीष अम्बर
जीवन जहाँ पर संभव होता, धरती है वह सुन्दर उपवन । करें सुरक्षा इस धरती की, मिलकर हर प्राणी और[...]
मच्छर-राम किशोर पाठकमच्छर-राम किशोर पाठक
हर-पल आकर गीत सुनाता। चुंबन लेकर ही वह जाता।। नींद हरण कर लेता अक्सर। क्या सखि? साजन! न सखी! मच्छर।।०१।।[...]
