एक दिवस जब बिजली रूठी, सुख-सुविधा की डोरी टूटी। ठिठक गया है सब जन-जीवन, थमा हुआ सा लगता आँगन।। मौन[...]
Author: प्रकृति प्रहरी
धरती माँ का ये आँगन प्यारा – बबीता कुमारीधरती माँ का ये आँगन प्यारा – बबीता कुमारी
धरती माँ का ये आँगन प्यारा, हरियाली से सजा है सारा। पेड़, पौधे, नदियाँ, पर्वत, इनसे ही जीवन है समृद्ध।[...]
मिट्टी से भी यारी रख – सत्य नारायण सिंहमिट्टी से भी यारी रख – सत्य नारायण सिंह
मिट्टी से भी यारी रख, दिल से दिलदारी रख। चोट न पहुंचे बातों से, इतनी समझदारी रख। पहचान हो तेरी[...]
