Author: प्रकृति प्रहरी

vikash kumar saav

एक दिन बिना बिजली – विकास कुमार सावएक दिन बिना बिजली – विकास कुमार साव

एक दिवस जब बिजली रूठी, सुख-सुविधा की डोरी टूटी। ठिठक गया है सब जन-जीवन, थमा हुआ सा लगता आँगन।। मौन[...]

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babeeta kumari

धरती माँ का ये आँगन प्यारा – बबीता कुमारीधरती माँ का ये आँगन प्यारा – बबीता कुमारी

धरती माँ का ये आँगन प्यारा, हरियाली से सजा है सारा। पेड़, पौधे, नदियाँ, पर्वत, इनसे ही जीवन है समृद्ध।[...]

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satyanarayansingh

मिट्टी से भी यारी रख – सत्य नारायण सिंहमिट्टी से भी यारी रख – सत्य नारायण सिंह

मिट्टी से भी यारी रख, दिल से दिलदारी रख। चोट न पहुंचे बातों से, इतनी समझदारी रख। पहचान हो तेरी[...]

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