धरती माँ का ये आँगन प्यारा,
हरियाली से सजा है सारा।
पेड़, पौधे, नदियाँ, पर्वत,
इनसे ही जीवन है समृद्ध।
मत काटो इन वृक्षों को यूँ,
ये देते हैं जीवन का सुकून।
शुद्ध हवा और ठंडी छाया,
इनसे ही है जीवन की माया।
नदियों को मत गंदा करो,
जल ही जीवन – इसे समझो।
हर बूँद है अनमोल यहाँ,
इसे बचाना कर्तव्य हमारा।
प्रकृति ने हमको सबकुछ दिया,
बदले में हमसे कुछ भी नहीं लिया।
अब हमारी ये जिम्मेदारी,
रखें सुरक्षित इसकी हरियाली।
आओ मिलकर शपथ ये लें,
धरती को फिर से स्वर्ग बनाएँ।
पर्यावरण की रक्षा करके,
भविष्य अपना उज्जवल बनाएँ।
बबीता कुमारी
रा. उ. म. विद्यालय
महरैल कन्या अंधराठाढ़ी मधुबनी
0 Likes

