पोस्टमैन है सूरज चाचा,डाक सुबह की लाता है ।द्वारा – द्वार किरणों की पाती ,ठीक समय पहुँचाता है । चुन – चुन करती चिड़िया रानी,चुगती दाना, पीती पानी ।गीत सुनाती…
Author: PRIYANKA PRIYA
श्रम की महिमा – आशीष अंबर
श्रम से हर मंजिल होती आसान,श्रम से ही तो मानव बनें महान । श्रम से जो भी है नाता रखता,जीवन – पथ पर वह कभी न थकता । श्रम से…
आया है गणतंत्र हमारा – राम किशोर पाठक
आया है गणतंत्र हमारा- सरसी छंद गीत जन-गण-मन हो सुंदर अपना, आओ प्यारे संग।आया है गणतंत्र हमारा, भरने नवल उमंग।। कर्तव्यों को पहले रखकर, फिर पाएँ अधिकार।अपनी इच्छा संग सभी…
मां भारती के साधक – मनु कुमारी
माँ भारती का साधक : माखनलाल चतुर्वेदी कलम नहीं थी उनकी केवल,ज्वाला थी अंगार बनी।शब्दों में राष्ट्र धड़कता था,भारत माँ साकार बनी।। न भय लिखा, न दास्यता,न झुकी कभी उनकी…
कश्यप नंदन देव दिवाकर – राम किशोर पाठक
कश्यप नन्दन देव दिवाकर- सरसी छंद गीत तुमसे ही जग जीवन पाता, करते तुम उपकार।कश्यप नन्दन देव दिवाकर, नमन करो स्वीकार।। तिमिर घनेरा हरने वाले, दिनकर देव महान।क्षमा करें हर…
मैं संविधान हूं – आंचल शरण
“मैं संविधान हूं” मैं भारत का संविधान हूं,महज़ एक किताब नहीं,गहन करो तो अधिकार हूंमैं भारत का संविधान हूं।इसमें केवल शब्द नहींभारतीयों की तकदीर हूंमैं भारत का संविधान हूं।करता हूं…
राष्ट्रीय बालिका दिवस – मनु कुमारी
आज मत पूछो,क्यों आई है बेटी—आज पूछो,कैसे बची है बेटी? गर्भ की देहरी परहर बार सवालों से जूझती,मौन की चादर ओढ़ेअपने होने का प्रमाण खोजती—वही है बेटी। उसकी किलकारीघर की…
गणतंत्र का जयघोष – मनु कुमारी
गणतंत्र का जयघोष छब्बीस जनवरी पुकार रही,उठो! इतिहास बुलाता है।यह दिन नहीं केवल तिथि कोई,जन-जन का स्वाभिमान जगाता है। जब टूटीं जंजीरें गुलामी की,जब भारत ने प्रण यह ठाना था—राजा…
बसंती शाम- मनु कुमारी
बसंती शाम उतर आई, सुनहरी धूप के संग,क्षितिज ने ओढ़ ली चूनर, केसरिया रंग के रंग। मंद पवन की उँगली थामे, सरसों हँसने लगी,डाल-डाल पर बैठी चिड़िया, राग नया गाने…
मां वागीश्वरी – मनु कुमारी
जयति जय माँ वागेश्वरी, सरस्वती विंध्यवसिनी lसकल जगत की माता तुम हो, हे सकल मंगलकारिनी..जयति माँ वागेश्वरी.. तुम हो पद्मासना माता शांति, सुख, वरदायिनी,जगत का कल्याण कर माँ ,तुम हो…