आँचल मैं भर लूँ मैं सावित्री बन ईश्वर से , पिय प्राण वरण कर लूँ। मैं काल के नियमों को भी, प्रण से ,आज शमन कर लूँ। मैं अपने साहस…
Author: Ram Kishor Pathak
वट-सावित्री – दोहा छंद – राम किशोर पाठक
वट- सावित्री – दोहें खास अमावस ज्येष्ठ को, मिलता ऐसा योग। पति की रक्षा कर सके, नारी निज उद्योग।।०१।। सती शक्ति भूषण सदा, नारी का सम्मान। जिसके आगे हैं झुकें,…
हम नन्हें-मुन्हें बालक हैं – अमरनाथ त्रिवेदी
हम नन्हें-मुन्हें बालक हैं हम नन्हें-मुन्हें है बालक, दिल के बहुत हीं भोले। कोई पूछता जब हमसे, हैं बन जाते बड़बोले।। जागने से सोने तक, निश्चित क्रम है होता। पढ़ने के विषय जितने,…
ज्ञान दीप जलता जहाँ- दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
ज्ञान दीप जलता जहाँ – दोहावली “””””””‘”””‘””””””””””””””””””’””””””””””””””””’””””””” विद्यालय के छात्र को, नित्य दीजिए ज्ञान। पावन शुचिता ज्ञान ही, जीवन का उत्थान।।०१।। विद्यालय के पास से, करें गंदगी दूर। बच्चों के…
लक्ष्य की प्राप्ति – अमरनाथ त्रिवेदी
लक्ष्य की प्राप्ति लक्ष्य तेरे बहुत बड़े हों, यह नहीं कोई जरूरी। हर बात में कोई साथ दे, यह नहीं उसकी मजबूरी। लक्ष्य जितना ही बड़ा हो, पुरुषार्थ भी उतना…
सुनो बेटियों – हिंदी गजल – राम किशोर पाठक
सुनो बेटियों – हिंदी गजल शस्त्र ले हाथ में अब अड़ो बेटियों। युद्ध तुम कालिका- सी लड़ो बेटियों।। आज तक लोग अबला समझते रहे। बोध तुम शौर्य का अब भरो…
जहाँ चाह वहाँ राह हमारी – अमरनाथ त्रिवेदी
जहाँ चाह वहाँ राह हमारी जिंदगी जीने की करें तैयारी , जहाँ चाह वहाँ राह हमारी । पर मनमानी करें यदि हम , तो छीन जाएँगी खुशियाँ सारी । मन…
कछुए की चाल- सुरेश कुमार गौरव
कछुए की चाल धीरे-धीरे चलता कछुआ, धैर्य-ध्वनि-सा बलता कछुआ। शांत, सहज, संकल्पी लगता, मौन मगर हर पलता कछुआ।। जल-थल दोनों जीवन उसका, गति में गूढ़ विवेक है जिसका। छोटा तन,…
विश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद – राम किशोर पाठक
विश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद आज हुआ कछुआ दुर्लभ, रहता है जल के भीतर। कर सकता भी है थल पर, जीवन अपना गुजर-बसर।। लम्बा जीवन जीता यह, इसको ले…
शिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता – अमरनाथ त्रिवेदी
शिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता सही शिक्षा सफल तभी होती , जिसमें मातृभाषा का उपयोग निश्चित हो । मातृभाषा ही समझ दृढ़तर करती , जिसमें विषय संदर्भित प्रयोग सुनिश्चित हो…