आओ उठकर – बाल कविता (वासुदेव छंद) अम्मा हँसकर, बोल गयी। मन में मधुरस, घोल गयी।। उठ आओ अब, भोर हुआ। चिड़ियों का अब, शोर हुआ।। देखो आकर, नभ अपना।…
Author: Dr Snehlata Dwivedi
कब तक कोई अपना- राम किशोर पाठक
कब-तक कोई अपना- गीत छोटे-छोटे शब्दों से मन टूटेगा। कब-तक कोई अपना हमसे रूठेगा।। अपनों में तो खिच-खिच होती रहती है। खट्टी-मीठी यादें बनती रहती है।। मन का हर गुब्बारा…
नहीं विश्वाश होता है -रामपाल पाल प्रसाद सिंह
गीत(विधाता छंद) नहीं विश्वास होता है सनातन धर्म अभ्यागत,धरा को लहलहाया है। नहीं विश्वास होता है,कि मानव ने बनाया है।। रहा पूरब सदा उज्ज्वल,सभी यह ग्रंथ कहते हैं। कुटुंबी भाव…
प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद
प्रभाती पुष्प सूर्य देव से प्रार्थना मनहरण घनाक्षरी छंद नर-नारी संत-यति, उपवास रख ब्रती,! धन बल पुत्र हेतु, करते उपासना। छठ माता करें दया, मांँगते निरोगी काया, जल बीच खड़े…
छठ मैया की महिमा निराली आशीष अम्बर
छ्ठ मैया की महिमा निराली खड़ें है हर घाटों में , हैं सूप हाथों में लेकर । लगा रहे हैं जयकारे , जय हो छ्ठ मैया तुम्हारी । देउरा भरे…
आओ छठ पर्व मनाएं शैलेन्द्र कुमार
आओ छठ पर्व मनाएं एकता, भाईचारा, सौहार्द फैलाएं आओ छठ पर्व मनाएं।। नहाए खाए, सहना, खड़ना रस्म निभाएं आओ छठ पर्व मनाएं।। त्याग, संयम, सात्विकता अपनाएं आओ छठ पर्व मनाएं।…
छठ की गरिमा -अमरनाथ त्रिवेदी
2 छठ पर्व की गरिमा वंश परम्परा चलती रहे , सुख से जियें लोग सभी । कामना करते छठ व्रती यही , बन जाए सबकी बात सभी । जन जन मे ऐसी ज्योति जली है , जो भावों को…
छठ की महिमा -अमरनाथ त्रिवेदी
1 छठ की महिमा तन ,मन, धन , श्रद्धा ,भक्ति , एक साथ हो जिस पर्व मे । भक्ति का यह अनुपम पर्व , दिखता हो जब भारतवर्ष मे । ख्याल शुद्धता…
मर्द -दीपक कुमार
मर्द – क्या मर्द को दर्द नहीं होता ? होता जरूर है । पर वह बयां नहीं करता। जिम्मेदारियां! चुप करा देती है उसे , पूर्ण विराम की तरह। घर…
भास्कर आराधना -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
🙏 भास्कर आराधना -छठ पूजा कार्तिक षष्टी पुण्य प्रभाउ, जानत जन मन लोक सुभाउ। रवि प्रकाश जीवन धर काहु, भास्कर नमन है सहज सुभाउ। तप व्रत भक्ति नही कोई दूजा,…