दीप जलाना कर्म है – दोहा छंद गीत तिमिर घना कितना यहाँ, इसका करें न ध्यान। दीप जलाना कर्म है,[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
मतदान -नीतू रानीमतदान -नीतू रानी
-मतदान। आने वाला है इलेक्शन। कुछ दिन बाद है इलेक्शन आने वाले, लोग मिलेंगे तुमको बहलाने -फुसलाने वाले। जो करते[...]
मिसाइल मैन -राम किशोर पाठकमिसाइल मैन -राम किशोर पाठक
मिसाइल मैन – महामंगला छंद (विश्व विद्यार्थी दिवस) करिए उनको नमन, जो भारत की शान। मैन मिसाइल अबुल, विश्व लिया[...]
कैकेई का त्याग – विधाता छंद गीत – राम किशोर पाठककैकेई का त्याग – विधाता छंद गीत – राम किशोर पाठक
कैकेई का त्याग- विधाता छंद गीत जगत कल्याण के कारण, किया विष पान त्रिपुरारी। पुनः दुनिया बचाने को, किया है[...]
चलो हाथ धोते हैं अवधेश कुमारचलो हाथ धोते हैं अवधेश कुमार
चलो हाथ धोते हैं । एक दिन हाथ बोले । चलो आज नया काम करते हैं, गंदगी से दोस्ती तोड़ते[...]
गजल एक प्रयास- राम किशोर पाठकगजल एक प्रयास- राम किशोर पाठक
गजल एक प्रयास चलो अब आज हम सीखें कहा कैसे गजल यारों। जिसे उर्दू गजल कहता वही हिंदी सजल यारों।।[...]
गीदड़ तब शोर मचाएगा – रामपाल प्रसाद सिंहगीदड़ तब शोर मचाएगा – रामपाल प्रसाद सिंह
गीदड़ तब शोर मचाएगा… निज शेर पाॅंव पीछे खींचे। निज ऑंखों को करके नीचे।। तब बुरा समझ कहलाएगा गीदड़ तब[...]
हे हरि क्लेश हरो -रामपाल प्रसाद सिंहहे हरि क्लेश हरो -रामपाल प्रसाद सिंह
हे हरि! क्लेश हरो। विधा गीत। मेरे पीछे पड़ा जगत है,कर दो मालिक मदद जरा। सूख रहे जीवन उपवन को,हे[...]
मतदान -रामकिशोर पाठकमतदान -रामकिशोर पाठक
मतदान – मनहरण घनाक्षरी दौड़ भाग कर रहे, खोज-खोज मिल रहे, पाँव भी पकड़ रहे, आया मतदान है। देखकर निहारते,[...]
रजनी गंधा की महक अवधेश कुमाररजनी गंधा की महक अवधेश कुमार
रजनीगंधा की महक सुबह की बेला मे जब ओस की बूँदों संग रजनीगंधा महके, मन प्रफुल्लित करे— यही सुगंध, यही[...]
