तू अब भी यूँ रुका क्यूँ है? गुलाब कांटों से यूँ लगा क्यूँ है ? जिंदगी तेरा ये फ़लसफ़ा क्यूँ है? जो मुस्कराते हो शबनम की तरह, पलकों का रंग…
Author: Dr Snehlata Dwivedi
महामानव -जैनेंद्र प्रसाद
महामानव पाकर भी ऊँचा पद- मिलता नहीं है यश, कई ऐसे गुमनाम, होते हैं यहांँ इंसान। घर से निकल कर- अपने ही बल पर, कुछ लोग दुनिया में, बनाते हैं…
यह देश है उन मतवालों का -बिंदु अग्रवाल
यह देश है उन मतवालों का यह देश है उन रखवालों का आजादी के मातवालों का, रखने को शान तिरंगे की जिन लोगों ने जान गवांई है। कोड़े खाए नंगे…
कर्मठ संस्कारी बच्चे -जैनेंद्र प्रसाद
कर्मठ संस्कारी बच्चे बाल सृजन रूप घनाक्षरी छंद में कर्मठ संस्कारी बच्चे, कहलाते हैं वे अच्छे, सबसे अलग निज, बनाते हैं पहचान। सुबह सवेरे जाग- व्यायाम करते जो, पौष्टिक आहार…
वो भाषा हिंदी है -स्मृति कुमारी
वो भाषा हिंदी है। सरल ,सहज और मधुर है कोमलता से जो भरपूर, वो भाषा हिंदी है। अधिकारिक राजभाषा भारत की लिपि जिसकी देवनागरी, वो भाषा हिंदी है। है देश…
मन का हारा जाए कहां -अमृता कुमारी
मन का हारा जाए कहां! मन का हारा जाए कहां आज हर कोई है आत्ममग्न अपने दिल की सुनाए कहां !! माना की भीड़ भरी इस दुनिया में लोगों को…
हिंदी दिवस रामपाल प्रसाद सिंह
हिंदी दिवस शिखर हिमालय से भी ऊॅंचा, हिंदी तुमको पाऊॅं मैं। तभी कहाऊॅं हिंदी भाषी, गुरुता जग समझाऊॅं मैं।। वेद पुराणों की परिभाषा, सरल बनाने तू आई। पूर्वज का इतिहास…
महाकाल -जैनेन्द्र प्रसाद
महाकाल की देवघर सोमनाथ, काशी व अमरनाथ, उज्जैन नगर बीच, बसे महाकाल हैं। भोलेनाथ उमापति, बनके जगतपति, शरणागत भक्तों का-वे रखते ख्याल हैं। शिव का भजन करें, चिंतन मनन करें,…
जीवित्पुत्रिका व्रत -रुचिका
जीवित्पुत्रिका व्रत सन्तान के सुख की कामना कर कर रही है माँ साधना चौबीस घण्टे का निर्जला उपवास कर कर रही है बस यही प्रार्थना। दुःख तकलीफ कभी जीवन में…
भारत की अमृत भाषा -अमर नाथ त्रिवेदी
भारत की अमृत भाषा मातृभाषा के रूप में हर दिल , यह भाषा है बड़ी निराली । हम सबों का उद्धार यह करती , है सचमुच जीवन देनेवाली । भारत…