धरणी छंद वर्णिक माँ शारदे, दया दिखलाओ। दे बुद्धि को, कृपा बरसाओ।। कोई कहे, तुम्हें बलशाली।मानें सदा, तुम्हें सब काली।।माता[...]
Author: Swarakshi Swara
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबरनववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबर
कविता नववर्ष तुम्हारा स्वागत है,खुशियाँ मिले सबको बस यही चाहत है । नया जोश, नया उल्लास छाया है,खुशियाँ लेकर अपार[...]
जाड़े की धूप.. मो आसिफ़ इक़बालजाड़े की धूप.. मो आसिफ़ इक़बाल
दुनिया के सारे इंसान बच्चे बूढ़े और जवान देखो कितनी ठंड पड़ी ठिठुर ठिठुर सब हैं परेशान।। अब तो एक[...]
राज को न खोलिए..रामकिशोर पाठकराज को न खोलिए..रामकिशोर पाठक
राज को न खोलिए २१२-१२१-२ राज को न खोलिए।और से न बोलिए।। प्रीति नैन में बसी।आप खास हो लिए।। शब्द-शब्द[...]
आपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रविआपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रवि
*आपस में प्यार हो*(मनहरण घनाक्षरी छंद)**********************कोई कहे लाख बुरा- करता बुराई नहीं, *अवगुण गुण बन-जाए सद्विचार हो*। यदि हो अभिन्न[...]
सत्य अगर बोलूं..रामकिशोर पाठकसत्य अगर बोलूं..रामकिशोर पाठक
सत्य अगर बोलूँ- महा_शशिवदना छंद सत्य अगर बोलूँ, रूठ सभी जाते।झूठ कभी बोलूँ, संग चले आते।। मुश्किल होती है, सत[...]
शब्दों के मोती..रामकिशोर पाठकशब्दों के मोती..रामकिशोर पाठक
शब्दों के मोती- महा_शशिवदना छंद शब्दों के मोती, मैं चुनकर आऊँ।कैसे भी उनको, सुंदर कर जाऊँ।। उनसे है बनता, गीतों[...]
मेरा जीवन..रामकिशोर पाठकमेरा जीवन..रामकिशोर पाठक
मेरा जीवन- गौरा सवैया २१२*६+२२२+११ जो हमें तू दिया नेह से हूँ लिया सर्व स्वीकार संजोया है मन।साथ देते रहा[...]
गणेश वंदना..राम किशोर पाठकगणेश वंदना..राम किशोर पाठक
गणेश वंदना- सीता छंद देव तेरी वंदना जो, नित्य ही गाया करूँ। दिव्य तेरे रूप का मैं, दर्श जो पाया[...]
तू बचा ले .रामपाल प्रसाद सिंहतू बचा ले .रामपाल प्रसाद सिंह
सीता छंद वर्णिक 15 वर्ण 2122-2122=2122-212तू बचा ले डूबने से।**************************लूटती लज्जा हमारी,नैन क्यों ना खोलते।खो गया है धैर्य मेरा,हो तराजू[...]
