Author: Swarakshi Swara

Ram Kishore Pathak

माँ शारदे-राम किशोर पाठकमाँ शारदे-राम किशोर पाठक

0 Comments 3:55 pm

धरणी छंद वर्णिक माँ शारदे, दया दिखलाओ। दे बुद्धि को, कृपा बरसाओ।। कोई कहे, तुम्हें बलशाली।मानें सदा, तुम्हें सब काली।।माता[...]

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ashish amber

नववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबरनववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबर

0 Comments 3:52 pm

कविता नववर्ष तुम्हारा स्वागत है,खुशियाँ मिले सबको बस यही चाहत है । नया जोश, नया उल्लास छाया है,खुशियाँ लेकर अपार[...]

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जाड़े की धूप.. मो आसिफ़ इक़बालजाड़े की धूप.. मो आसिफ़ इक़बाल

0 Comments 9:09 am

दुनिया के सारे इंसान बच्चे बूढ़े और जवान देखो कितनी ठंड पड़ी ठिठुर ठिठुर सब हैं परेशान।। अब तो एक[...]

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Ram Kishore Pathak

राज को न खोलिए..रामकिशोर पाठकराज को न खोलिए..रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:02 pm

राज को न खोलिए २१२-१२१-२ राज को न खोलिए।और से न बोलिए।। प्रीति नैन में बसी।आप खास हो लिए।। शब्द-शब्द[...]

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आपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रविआपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 6:58 pm

*आपस में प्यार हो*(मनहरण घनाक्षरी छंद)**********************कोई कहे लाख बुरा- करता   बुराई   नहीं, *अवगुण गुण बन-जाए सद्विचार हो*। यदि हो अभिन्न[...]

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Ram Kishore Pathak

सत्य अगर बोलूं..रामकिशोर पाठकसत्य अगर बोलूं..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:33 pm

सत्य अगर बोलूँ- महा_शशिवदना छंद सत्य अगर बोलूँ, रूठ सभी जाते।झूठ कभी बोलूँ, संग चले आते।। मुश्किल होती है, सत[...]

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Ram Kishore Pathak

शब्दों के मोती..रामकिशोर पाठकशब्दों के मोती..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:30 pm

शब्दों के मोती- महा_शशिवदना छंद शब्दों के मोती, मैं चुनकर आऊँ।कैसे भी उनको, सुंदर कर जाऊँ।। उनसे है बनता, गीतों[...]

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Ram Kishore Pathak

मेरा जीवन..रामकिशोर पाठकमेरा जीवन..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:27 pm

मेरा जीवन- गौरा सवैया २१२*६+२२२+११ जो हमें तू दिया नेह से हूँ लिया सर्व स्वीकार संजोया है मन।साथ देते रहा[...]

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Ram Kishore Pathak

गणेश वंदना..राम किशोर पाठकगणेश वंदना..राम किशोर पाठक

0 Comments 9:23 pm

गणेश वंदना- सीता छंद देव तेरी वंदना जो, नित्य ही गाया करूँ। दिव्य तेरे रूप का मैं, दर्श जो पाया[...]

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तू बचा ले .रामपाल प्रसाद सिंहतू बचा ले .रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 9:15 pm

सीता छंद वर्णिक 15 वर्ण 2122-2122=2122-212तू बचा ले डूबने से।**************************लूटती लज्जा हमारी,नैन क्यों ना खोलते।खो गया है धैर्य मेरा,हो तराजू[...]

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