Author: Swarakshi Swara

मन:स्थिति…बैकुंठ बिहारीमन:स्थिति…बैकुंठ बिहारी

0 Comments 6:19 pm

मन चंचल है द्रुतगामी है,अकल्पनीय है इसकी स्थिति,कभी व्यथित कभी विचलित,अबूझ है इसकी स्थिति,कभी आत्मकेंद्रित, कभी पराश्रित,अबोधगम्य है इसकी स्थिति,कभी[...]

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मन अगर वैधव्यमय हो.. डॉ स्वराक्षी स्वरामन अगर वैधव्यमय हो.. डॉ स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 7:41 pm

मन अगर वैधव्यमय होतन सजाकर क्या करूंगी? चाह कब मैंने किया थास्वर्ण से यह तन सजानाऔर तो इच्छा नहीं थीआसमां[...]

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भावुक हूं मैं.. डॉ स्वराक्षी स्वराभावुक हूं मैं.. डॉ स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 10:42 am

हां,मैं भावुक ही तो हूंतभी तो सह नहीं पातीहल्की सी भी चोट,फिर चाहे वो शरीर पर हो    या कि लगे[...]

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हिंदी (ग़ज़ल) स्वराक्षी स्वराहिंदी (ग़ज़ल) स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 4:52 pm

निज भाषा का मान है हिंदीहम सबका सम्मान है हिंदी ।। साहि त्यिक  समृद्धि  काद्योतक है,अवमान है हिंदी ।। सब[...]

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कौन? रत्ना प्रियाकौन? रत्ना प्रिया

0 Comments 8:52 am

नित्य कर्म करती है प्रकृति पर,रहती है शाश्वत मौन,कई प्रश्न उठते हैं मन में,इसका उत्तर देगा कौन ? नित्य समय[...]

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Ram Kishor Pathak

चलो नेह का दीप जलाएँ- किशोर छंद – राम किशोर पाठकचलो नेह का दीप जलाएँ- किशोर छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:45 pm

चलो नेह का दीप जलाएँ- किशोर छंद चलो नेह का दीप जलाएँ, कैसे भी। सबसे मिलकर स्नेह बढ़ाएँ, कैसे भी।[...]

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बुझो तो जाने – विजय शंकर ठाकुरबुझो तो जाने – विजय शंकर ठाकुर

0 Comments 10:49 am

    म्याऊं -म्याऊं करती आती हैं, घर से चूहे ले जाती हैं, मुझे तनिक नहीं भाती है, दूध मलाई[...]

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गुरु वंदना – डॉ स्वराक्षी स्वरागुरु वंदना – डॉ स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 11:03 am

आओ कर लें गुरुओं का गुणगान गुरुओं से है अपनी ये पहचान नादान थे,अंजान थे, दे शिक्षा किया जीवन को[...]

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शिक्षक की गरिमा…अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षक की गरिमा…अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:54 pm

  शिक्षक  की  गरिमा है अपनी , सबके अपने अपने  संस्कार हैं  । अपनी अपनी विद्वता है उनकी , यही  देते [...]

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