Author: Swarakshi Swara

Ram Kishore Pathak

कान्हा..रामकिशोर पाठककान्हा..रामकिशोर पाठक

0 Comments 6:34 pm

कहमुकरी ख्वाब सजाकर रखती हूॅं नित।उन्हें छुपाकर रखती हूॅं चित।।रहती फिर भी जग में तन्हा।क्या सखि? साजन! न सखी! कन्हा।।०१।।[...]

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वाह रे इंसान.. जैनेंद्र प्रसाद रविवाह रे इंसान.. जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 2:54 pm

वाह रे इंसान *****************धन-दौलत सब माल-खजाना यहीं धरा रह जाएगा,खाली हाथ तू आया बंदे खाली हाथ ही जाएगा।मूर्ति की पूजा[...]

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Ram Kishore Pathak

तन्हा तन्हा..राम किशोर पाठकतन्हा तन्हा..राम किशोर पाठक

0 Comments 2:50 pm

कुण्डलिया तन्हा-तन्हा है आज-कल, यहाँ सकल संसार।कारण इसका क्या भला, करिए जरा विचार।।करिए जरा विचार, कभी खुद को भी झाँके।बना[...]

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Ram Kishore Pathak

गौरव..रामकिशोर पाठकगौरव..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:19 am

नाभा छंद २११-१११, २२२-२२ गौरव क्षणिक, पाना क्यों चाहें।कौन बरबस, फैलाता बाहें।।चाहत अगर, मैला हो तेरा।अंतस गरल, फैलाए डेरा।। सुंदर[...]

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सर्दी का मौसम… आसिफ़ इक़बालसर्दी का मौसम… आसिफ़ इक़बाल

0 Comments 9:12 am

देखो ठंडी हवा चली,गाँव-शहर के गली गली।सर्दी का मौसम है आया,प्रकृति का संदेशा लाया। दृढ न रहो, अटल न रहो,रहो[...]

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Ram Kishore Pathak

रुख हवाओं का बदल दूं..रुख हवाओं का बदल दूं..

0 Comments 7:36 pm

गजल२१२२-२१२२ नैन तेरे कर सजल दूँ।आज लिखकर मैं गजल दूँ।। कौन तेरा है बता दो।आज रिश्तें कर अटल दूँ।। यूँ[...]

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Ram Kishore Pathak

नशा छोड़िए..राम किशोर पाठकनशा छोड़िए..राम किशोर पाठक

0 Comments 11:38 am

नशा छोड़िए- गीतिका २१२२-२१२२-२१२२-२१२ त्यागिए खुद ही नशा को गर्त में मत खोइए। हो रहे बर्बाद क्यों आबाद भी तो[...]

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Ram Kishore Pathak

राम विवाह..रामकिशोर पाठकराम विवाह..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:04 pm

राम विवाह – सरसी छंद गीत संग सभी भ्राता भी उनके, परिणय को तैयार।सिया वरण करने को आयें, सजे-धजे सुकुमार।।[...]

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