दुनिया के सारे इंसान बच्चे बूढ़े और जवान देखो कितनी ठंड पड़ी ठिठुर ठिठुर सब हैं परेशान।। अब तो एक[...]
Author: Swarakshi Swara
राज को न खोलिए..रामकिशोर पाठकराज को न खोलिए..रामकिशोर पाठक
राज को न खोलिए २१२-१२१-२ राज को न खोलिए।और से न बोलिए।। प्रीति नैन में बसी।आप खास हो लिए।। शब्द-शब्द[...]
आपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रविआपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रवि
*आपस में प्यार हो*(मनहरण घनाक्षरी छंद)**********************कोई कहे लाख बुरा- करता बुराई नहीं, *अवगुण गुण बन-जाए सद्विचार हो*। यदि हो अभिन्न[...]
सत्य अगर बोलूं..रामकिशोर पाठकसत्य अगर बोलूं..रामकिशोर पाठक
सत्य अगर बोलूँ- महा_शशिवदना छंद सत्य अगर बोलूँ, रूठ सभी जाते।झूठ कभी बोलूँ, संग चले आते।। मुश्किल होती है, सत[...]
शब्दों के मोती..रामकिशोर पाठकशब्दों के मोती..रामकिशोर पाठक
शब्दों के मोती- महा_शशिवदना छंद शब्दों के मोती, मैं चुनकर आऊँ।कैसे भी उनको, सुंदर कर जाऊँ।। उनसे है बनता, गीतों[...]
मेरा जीवन..रामकिशोर पाठकमेरा जीवन..रामकिशोर पाठक
मेरा जीवन- गौरा सवैया २१२*६+२२२+११ जो हमें तू दिया नेह से हूँ लिया सर्व स्वीकार संजोया है मन।साथ देते रहा[...]
गणेश वंदना..राम किशोर पाठकगणेश वंदना..राम किशोर पाठक
गणेश वंदना- सीता छंद देव तेरी वंदना जो, नित्य ही गाया करूँ। दिव्य तेरे रूप का मैं, दर्श जो पाया[...]
तू बचा ले .रामपाल प्रसाद सिंहतू बचा ले .रामपाल प्रसाद सिंह
सीता छंद वर्णिक 15 वर्ण 2122-2122=2122-212तू बचा ले डूबने से।**************************लूटती लज्जा हमारी,नैन क्यों ना खोलते।खो गया है धैर्य मेरा,हो तराजू[...]
जीवन और जल..गिरिंद्र मोहन झाजीवन और जल..गिरिंद्र मोहन झा
जीवन और जलकहते भी हैं, जल ही जीवन है,जीवन वही, जैसा तन-मन है,जीवन मानो तो ईश्वर का वर है,है यह[...]
योग दिवस..कार्तिक कुमारयोग दिवस..कार्तिक कुमार
1️⃣ ताड़ासन सीधे खड़े हों तन को तान,ताड़ासन दे ऊँची पहचान।पैर जमें धरती के संग,आकाश छुए आत्मविश्वास रंग।रीढ़ बने मजबूत,[...]
