बाल विवाह: एक अभिशाप – भवानंद सिंह

आओ बताऍं बाल विवाह का
दुष्परिणाम क्या होता है ?
नासमझी के इस भूल पर
जीवन भर वह रोता है।

बाल विवाह अपराध है
है सबसे बड़ा अभिशाप,
इसको समझो मेरे जननी
करो न ऐसे घृणित पाप।

पढ़ने का मौका नहीं मिलता
गरीबी-बीमारी आ जाएगी,
शादी में मत बाॅंधो हमको
कुछ नया नहीं कर पाऊॅंगी ।

अभी उमर है मेरी कच्ची
जिम्मेदारी सह न पायेंगे,
तन विकसित न मन विकसित
जीते-जी मर जायेंगे।

हमें बस एक अवसर चाहिए
इतिहास नया ‌ रच डालेंगे,
बाल विवाह को इस समाज से
मिटा कर ही हम मानेंगे।

आईए हम सब कसम उठाएं
इस प्रथा को मिटायेंगे,
अपनी अच्छी समझबुझ से
नया समाज हम बनायेंगे।

भवानंद सिंह
( शिक्षक )
मध्य विद्यालय मधुलता
रानीगंज, अररिया

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